नजूल की जमीन भी खरीदी और बेच कर किया जा रहा राम मंदिर निर्माण में भ्रष्टाचार:धर्मदास
नजूल की जमीन भी खरीदी और बेच कर किया जा रहा राम मंदिर निर्माण में भ्रष्टाचार:धर्मदास

18 Aug 2021 |  81



ब्यूरो सुनील कुमार पाण्डेय 

अयोध्या।राम मंदिर निर्माण के विस्तारीकरण के दौरान श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नही ले रहा है बल्कि विवाद बढ़ता ही जा रहा है।राम मंदिर मामले में हिंदू पक्षकार रहे धर्मदास ने 4 जमीनों की खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है।धर्मदास ने विक्रेता, क्रेता और गवाहों के नाम एफआईआर दर्ज कराने के लिए थाना राम जन्मभूमि में तहरीर दी है।लेकिन अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और न ही को कोई अधिकारी सार्वजनिक तौर पर इस मामले में अपना पक्ष रखने के लिए तैयार है।

धर्मदास ने आरोप लगाया कि राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित समर्पण निधि का दुरुपयोग ट्रस्ट द्वारा किया जा रहा है। साथ ही नजूल की जमीन (जिसे बेचने और खरीदने का अधिकार केवल सरकार के पास होता है) भी खरीदी और बेची जा रही है।धर्मदास ने संबंधित रजिस्‍ट्रार का नाम भी तहरीर में शामिल किया है। 

तहरीर में जिन्हें आरोपी बनाया गया है उनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महामंत्री डॉ अनिल मिश्रा, ट्रस्ट के समस्त पदाधिकारी और सदस्य तथा जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में गवाह जिसमें कई अयोध्या के वरिष्ठ नेतातों के भी नाम है और गोसाईगंज के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी का भी नाम शामिल है। राम मंदिर निर्माण के लिए वास्तु दोष समाप्त करने के लिए मंदिर के परकोटे को सीधा किया जाना है, जिसके लिए परकोटे की जद में आ रहे कई मठ, मंदिर और गृहस्थ आश्रम के लोगों से उनके मकान और मंदिर खरीदे गए हैं। उनको पुनर्स्थापित करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा शहर में कई जगहों पर जमीन खरीद करके दी जा रही है। इस जमीन की खरीद-फरोख्त में बीते दिनों काफी आरोप-प्रत्यारोप लगे।अयोध्या के महापौर ऋषिकेश उपाध्याय तथा कई भूमि क्रय और विक्रय के व्यवसाय से शामिल भू-माफियाओं का भी नाम शामिल था। इस संपूर्ण मामले पर खुद ट्रस्ट के द्वारा गठित कमेटी ने ट्रस्ट को क्लीन चिट दे दी है।



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