नरेन्द्र गिरि मौत का मामला:आरोपी आनंद,आद्या और संदीप का हो सकता है पाॅलीग्राफ टेस्ट,कोर्ट में सीबीआई ने दी अर्जी
नरेंद्र गिरि मौत का मामला:आरोपी आनंद, आद्या और संदीप का हो सकता है पॉलीग्राफी टेस्ट,कोर्ट में सीबीआई ने दी अर्जी


12 Oct 2021 |  5



धनंजय सिंह स्वराज सवेरा एडिटर इन चीफ यूपी 



 प्रयागराज।अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में आनंद गिरि, संदीप तिवारी और आद्या तिवारी का पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के लिए सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी दी है।नरेन्द्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का सच जानने के लिए सीबीआई ने तीनों आरोपियों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराना चाहती है।बैरहाल तीनों आरोपी नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।



नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में मंगलवार को सुनवाई थी।कोर्ट में सीबीआई और आनंद गिरि के वकीलों ने बहस की।सीबीआई ने कोर्ट में कहा कि नरेंद्र गिरि की मौत के मामले का सच जानने के लिए तीनों का पॉलीग्राफी टेस्ट जरूरी है तो वही आनंद गिरि के वकील ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के बाद अगली सुनाई 18 अक्टूबर को करेगा।



आपको बता दें कि पॉलीग्राफी या लाई डिटेक्टर टेस्ट किसी केस की जांच में उस केस का सच का पता लगाने के लिए आरोपी का लाई डिटेक्टर टेस्ट या पॉलीग्राफ टेस्ट किया जाता है।इस टेस्ट का मकसद ये जानना होता है कि व्यक्ति सही बोल रहा है या झूठ बोल रहा है।इस टेस्ट के लिए कोर्ट की अनुमति जरूरी होती है।पॉलीग्राफ एक मशीन है जिसमें व्यक्ति से अटैच किए गए सेंसर्स से आ रहे सिग्नल को एक मूविंग पेपर पर रिकॉर्ड किया जाता है।इस प्रक्रिया को पॉलीग्राफी टेस्ट कहा जाता हैं। पॉलीग्राफ मशीन का इन्वेंशन 1921 में जॉन अगस्तस लार्सन ने किया था। जॉन ने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से मेडिकल की पढ़ाई की थी और वे कैलिफोर्निया के बर्कले पुलिस स्टेशन में कार्यरत थे।



आपको बता दें कि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि 20 सितंबर को प्रयागराज के बाघंबरी मठ में पंखे से लटकते हुए पाए गए थे।नरेन्द्र गिरि के शव के पास से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला था।कथित सुसाइड नोट में नरेंद्र गिरि ने अपने शिष्य आनंद गिरि,संगम तट पर लेटे हुए हनुमान मंदिर के पुजारी आद्या तिवारी और उनके बेटे संदीप तिवारी पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था।नरेंद्र गिरि ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से इन तीनों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। घटना के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था और तीनों आरोपी जेल में हैं।



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