अमेठी में बनेगी विश्व की सबसे खतरनाक राइफल,मोदी सरकार ने दी मंजूरी
अमेठी में बनेगी विश्व की सबसे खतरनाक राइफल,मोदी सरकार ने दी मंजूरी




04 Dec 2021 |  29







अमेठी।उत्तर प्रदेश भारत का रक्षा विनिर्माण केंद्र बनने की राह पर एक कदम और आगे बढ़ गया है।रूस से डिजाइन की गई 5 लाख AK-203 असाल्ट राइफलों के उत्पादन की योजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।विश्व की सबसे खतरनाक राइफल को अमेठी के कोरवा स्थित एक फैक्ट्री में बनाया जाएगा।सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है।ये बड़ा फैसला रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले सामने आया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस फैसले से अब ये साफ हो गया है कि भारत रक्षा उपकरण खरीदने की बजाए उनको बनाने की नीति पर बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है।अमेठी में 5 लाख AK-203 राइफलें बनाने की इस परियोजना से कई छोटे और मझोले उद्योगों को भी डिफेंस क्षेत्र में जरूरी साजो-सामान और उपकरण सप्लाई करने का अवसर मिलेगा और इलाके में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में रक्षा निर्माण की गतिविधियों में तेजी आएगी।

आपकों बता दें कि 7.62 X 39mm कैलिबर की AK-203 राइफलों की उपलब्धता से सेना को तीन दशक से भी अधिक समय पहले शामिल की गई INSAS राइफलों को बदलने का अवसर मिलेगा। AK-203 असॉल्ट राइफल्स 300 मीटर की दूरी तक प्रभावी रेंज के साथ हल्के वजन और उपयोग में आसान आधुनिक असॉल्ट राइफल्स हैं। इसकी तकनीक पूरी तरह प्रमाणित है जो भारत के सैनिकों की युद्ध क्षमता को बढ़ाएगी।

इस परियोजना को विशेष तौर से बनाई गई संयुक्त कंपनी इंडो-रूसी राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (Indo-Russian Rifles Private Ltd) के माध्यम से चलाया जाएगा। इसको भारत के तत्कालीन ओएफबी और अब एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड और म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (Advanced Weapons and Equipment India Ltd and Munitions India Ltd) और रूस के रोसोबोरोनएक्सपोर्ट-आरओई (Rosoboronexport-RoE) और कंसर्न कलाश्निकोव (concern Kalashnikov) के साथ मिलकर बनाया गया था।

सूत्रों के अनुसार ये 5 लाख AK-203 राइफलें रूस के साथ साझेदारी में बनाई जाएंगी।


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