राजनीतिक पार्टियों ने अभी तक नहीं उतारे मैदान में अपने धुरंधर, जनता है परेशान और गुमराह
राजनीतिक पार्टियों ने अभी तक नही उतारे मैदान में अपने धुरंधर,जनता है परेशान और गुमराह


24 Jan 2022 |  128



ब्यूरो जितेंद्र प्रताप तिवारी

अयोध्या। उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है।अयोध्या जिले में नामांकन एक फरवरी से शुरू हो जाएगा।नामांकन शुरू होने में सिर्फ एक सप्ताह ही बचे हैं,लेकिन राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की अभी तक घोषणा नहीं की हैं। भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस व अन्य दल ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।

अयोध्या के चुनावी इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हो रहा जब नामांकन के सप्ताह रह जाने के बाद भी बड़ी राजनीतिक पार्टियों ने अपने धुरंधरों को मैदान में नहीं उतारा है।आम आदमी पार्टी ने अन्य राजनीतिक पार्टियों के मुकाबले थोड़ी तेजी दिखाई है।आप ने जिले की तीन विधानसभा सीटों पर अपने धुरंधरों के नामों की घोषणा कर दी है।पार्टियों द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा न होने से जनता पशोपेश में है और कार्यकर्ता निराश हैं।

रामनगरी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद से यहां की सीट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।कुछ दिनों पहले तक चर्चा थी कि रामनगरी से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ चुनाव लड़ेंगे,लेकिन भाजपा ने पहले चरण के प्रत्याशियों की सूची जारी की और सीएम योगी को उनके गढ़ गोरखपुर सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी।

अयोध्या विधानसभा से भाजपा के मौजूदा विधायक वेद प्रकाश गुप्ता हैं, लेकिन इसके बाद भी कई भाजपा नेता अपनी दावेदारी का झंडा लहरा रहे हैं।समाजवादी पार्टी ने अभी अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
अयोध्या विधानसभा से तेज नारायण पांडे उर्फ पवन का और गोसाईगंज विधानसभा से पूर्व विधायक अभय सिंह का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। कांग्रेस और बसपा की अगर बात की जाए तो अभी दोनों ही पार्टियों ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।अन्य दल भी अभी पूरी तरह से खामोश हैं।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सूर्यकांत पांडे को अयोध्या से चुनावी मैदान में उतारा है।आप ने भी जिले की तीन सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। गोसाईगंज से आलोक द्विवेदी, रुदौली से मनोज मिश्रा और मिल्कीपुर से हर्षवर्धन को अपना उम्मीदवार बनाया है,लेकिन अयोध्या व बीकापुर विधानसभा के प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं।

आपको बता दें कि पांचवें चरण में अयोध्या जिले में चुनाव होना है। 27 फरवरी को अपने-अपने पक्ष में वोटिंग कराने के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है।


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