ताजमहल की ये कड़वी सच्चाई, जानकर दंग रह जाएंगे आप
ताजमहल की ये कड़वी सच्चाई,जानकर दंग रह जाएंगे आप


13 May 2022 |  35



रिपोर्ट-अनुज सिंह

आगरा।दुनिया का आठवां अजूबा मोहब्बत की निशानी ताजमहल को सभी लोग जानते है,लेकिन ताजमहल के अंदर बहुत सारा रहस्य छुपा हुआ हैं।इस रहस्य को शायद कोई नहीं जानता होगा। 16 वीं सदी में यमुना नदी के किनारे पर बना मोहब्बत की निशानी ताजमहल वाकई में बहुत खूबसूरत है। ताजमहल को जो देखता है वो कसीदे पढ़ने लगता है।तो आइए हम आपको इसके बारे में कुछ अनसुलझे रहस्य बताते हैं।

ताजमहल बनने के बाद शाहजहां के बेटे औरंगजेब ने आगरा के महल में अपने ही पिता को नजरबंद कर दिया था। वैसे तो औरंगजेब द्वारा अपने पिता को नजरबंद करने के कई किस्से और कहानियां देखने को मिलते है, लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि शाहजहां का अपनी बेटी जहांआरा से नाजायज संबंध था। नाजायज संबंध की वजह से जहांआरा ने अपने भाई औरंगजेब का साथ देकर अपने पिता को कैद खाने में डाल दिया था।

ताजमहल के अंदर 4 कब्रे बनाई गई है। ताजमहल से पहले इस जगह पर जयपुर के महाराजा जय सिंह का अधिकार था।यहां पर महल से लेकर और अनेकों तरह की खूबसूरत चीजें बनी हुई थी।कहा तो ये भी जाता है कि ताजमहल की जगह पर शिव मंदिर बना था।

शाहजहां ने जय सिंह से इस जगह की मांग की और इसके बदले शाहजहां ने जय सिंह को एक महल देने के साथ-साथ युद्ध में साथ देने का भी वचन दिया था। उसके बाद लगभग 3 एकड़ को खोदकर कर सीलन से बचाने के लिए कूड़ा करकट भरकर ताजमहल के नीचे 50 कुएं बनाकर बांस बल्ली लगाई गई। इसके बाद इसके ऊपर ही ताजमहल की नींव रखी गई।

ताजमहल में इस प्रकार की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है जो आज तक किसी भी प्रकार से खराब नहीं हुई है और इन लकड़ियों को जितना पानी मिलता है उतना ज्यादा मजबूत होती जाती हैं। आज तक वैज्ञानिक इसके बारे में पता नहीं लगा पाए हैं।


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