आजम की अगवानी न कर क्या अखिलेश यादव ने फिर कर दी बड़ी सियासी चूक,आओ जानें
आजम की अगवानी न कर क्या अखिलेश यादव ने फिर कर दी एक बड़ी सियासी चूक,आओ जानें


21 May 2022 |  40



रिपोर्ट-अनुज सिंह

लखनऊ।समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान सीतापुर जिला जेल में 28 महीने बिताने के बाद शुक्रवार को जमानत पर रिहा हो गए।जेल से बाहर निकते ही आजम खान के दोनों बेटों और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के मुखिया शिवपाल सिंह यादव,सपा के कार्यकर्ता और आजम खान के समर्थकों ने उनका स्‍वागत किया,लेकिन सपा मुखिया अखिलेश यादव इस मौके पर कही दूर-दूर तक नजर नहीं आए।अखिलेश यादव ने ट्वीट कर आजम खान की रिहाई का स्वागत किया,जबकि शिवपाल सिंह यादव ने आजम खान के जेल से बाहर आते ही उनके कंधे पर हाथ रखकर उन्हें हौसला बंधाया और इस मौके को पूरी तरह से भुनाने का प्रयास किया। सियासी पंडितों का मानना है कि अखिलेश यादव आजम खान की अगवानी कर मुस्लिम समुदाय में एक बड़ा और अच्छा संदेश दे सकते थे,लेकिन अखिलेश यादव इस मौके से चूक गए।क्या इसका खामियाजा अखिलेश यादव को आजम खान को खोकर उठाना पड़ सकता है।

पिछले कई सालों से गलती करते आ रहे हैं अखिलेश

सपा मुखिया अखिलेश यादव ऐसी ही गलती बीते आठ सालों से लगातार करते ही आ रहे हैं।सपा नेताओं के अनुसार वर्ष 2014 से हर महत्वपूर्ण अवसर पर अखिलेश यादव ऐसी गलती करते रहे हैं। जिसके कारण 2016 में शिवपाल सिंह यादव से उनका पहला बड़ा राजनीतिक विवाद हुआ।इस विवाद में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश का साथ दिया और अखिलेश यादव सपा के मुखिया बन गए,लेकिन इस परिवारिक विवाद का असर वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में देखने को मिला।

अखिलेश यादव ने आजम खान से जेल में मिलना उचित नहीं समझा

कांग्रेस के गठबंधन करने के बाद भी अखिलेश यादव विधानसभा चुनाव में पराजय का सामना करना पड़ा।इसके बाद अखिलेश यादव लोकसभा चुनाव में बसपा मुखिया मायावती के साथ गठबंधन किया,लेकिन यहां भी पराजय का सामना करना।उत्तर प्रदेश 2022 विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने छोटे दलों को जोड़कर चुनाव लड़ा,लेकिन अखिलेश यादव सत्ता के करीब भी नहीं फटक पाए।विधानसभा चुनाव में पराजय के बाद अखिलेश यादव ने शिवपाल सिंह यादव और आजम खान जैसे वरिष्ठ नेताओं की अनदेखी करना शुरू किया। शिवपाल सिंह यादव ने अखिलेश यादव से दूरी बनाकर प्रसपा को मजबूत करने में जुट गए।इसी क्रम में शिवपाल सिंह यादव पिछले महीने सीतापुर जेल में आजम खान से मिलने गए,लेकिन अखिलेश यादव ने तब भी आजम खान से मिलना जरूरी नहीं समझा,जबकि मात्र दो घंटे का सफर कर अखिलेश यादव लखनऊ से सीतापुर जेल में आजम खान से मिलने पहुंच सकते थे।

अखिलेश के ट्वीट से क्या कम होगी आजम की नाराजगी

सपा मुखिया अखिलेश यादव के इस रुख से सीनियर मुस्लिम नेता भी खफा हुए पर अखिलेश यादव ने आजम खान के मामले में चुप्पी ही बनाए रखी। शुक्रवार को भी जब आजम खान जेल से बाहर आए और शिवपाल सिंह यादव के साथ उनकी फोटों मीडिया में चलते लगी तब अखिलेश यादव ने ट्वीट कर आजम का स्वागत किया।अखिलेश ने ट्वीट कर कहा कि सपा के वरिष्ठ नेता और विधायक आजम खान के जमानत पर रिहा होने पर उनका हार्दिक स्वागत है। यह सवाल सपा के नेताओं के जेहन में है।अधिकतर सपा नेताओं का मत है कि आजम खान अब सपा और अखिलेश से किनारा कर सकते हैं,क्योंकि आजम खान भी यह मान चुके हैं कि सपा के लिए खून-पसीना बहाने के बाद भी उनकी रिहाई के लिए अखिलेश यादव ने कोई प्रयास नहीं किया।

क्या शिवपाल के साथ मिलकर नई पारी की शुरुआत करेंगे आजम

अब देखना ये है कि आजम खान सपा में रहते हुए अखिलेश यादव के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे या फिर शिवपाल सिंह यादव के साथ मिलकर एक नई शुरुआत करेंगे।इसी महीने आजम खान के अगले कदम का खुलासा हो जाएगा।आजम खान जेल से ऐसे समय बाहर आए हैं जब सूबे में विधानसभा सत्र शुरू होने वाला है। 23 मई से उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र शुरू होकर 31 मई तक चलेगा। सरकार अपने दूसरे कार्यकाल का पहला बजट 26 मई को पेश करेगी। इस विधानसभा सत्र के ठीक पहले 21 मई को अखिलेश यादव ने पार्टी के सभी विधायकों की मीटिंग बुलाई है।

अखिलेश की बैठक में पहुंचेंगे आजम या करेंगे किनारा

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने आज शनिवार को विधायकों की एक बैठक बुलाई है।अब ये देखना दिलचस्प होगा कि क्या आजम खान इस बैठक में आते हैं या नहीं।इससे आजम खान के अगले फैसला का पता चलेगा।आजम खान की सियासी ताकत को सभी जानते हैं और यूपी में मुस्लिमों के सबसे बड़े नेता माने जाते हैं।ना सिर्फ रामपुर बल्कि पूरे प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदाय के वोटरों पर आजम खान की मजबूत पकड़ है। मुस्लिमों के बीच सपा के सियासी आधार बढ़ाने में आजम खान की अहम भूमिका रही है।यही वजह है कि शिवपाल सिंह यादव से लेकर कांग्रेस और बसपा तक आजम खान को अपने साथ लाने में जुटी है। यह सब जानने के बाद भी अखिलेश यादव ने आजम खान के जेल से बाहर आने पर उनसे मिलने की जरूरत नहीं समझी।अखिलेश यादव को इस गलती का खामियाजा आजम खान को खोकर उठाना पड़ सकता है।


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