रिटायर्ड कर्नल ने बेटी के साथ शुरू की राजधानी से राम नगरी की पदयात्रा,अग्निपथ योजना पर कही ये बात
रिटायर्ड कर्नल ने बेटी के साथ शुरू की राजधानी से राम नगरी की पदयात्रा,अग्निपथ योजना पर कही ये बात

20 Jun 2022 |  47



शुभम कुमार यूपी क्राइम हेड


लखनऊ।उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के बलिया के रहने वाले भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल गोरख सिंह सेंगर ने राजधानी लखनऊ से रामनगरी अयोध्या के लिए अनोखी पदयात्रा शुरू की है।गोरख सिंह बन रहे राम मंदिर तक पैदल जाने का फैसला किया है।

गोरख सिंह सेंगर का कहना है कि योगी सरकार द्वारा रामनगरी अयोध्या का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है।उनकी यह जानने की प्रबल इच्छा हुई कि तमाम लोग सुविधा सम्पन्न नहीं हैं, ऐसे लोग यदि आस्था के चलते पैदल यात्रा करना चाहते हैं, तो उन्हें रामलला के मंदिर तक पहुंचने में कितना समय लगेगा। इसके साथ ही रास्ते के अनुभव क्या होंगे।क्या व्यवस्था मिल सकती है।

इस पदयात्रा में गोरख सिंह की 15 वर्षीय बेटी भी उनका बखूबी साथ दे रही है। गोरख सिंह और उनकी बेटी की इस पदयात्रा का मकसद रामनगरी अयोध्या में बन रहे राम मंदिर तक पैदल चलकर रास्ते के अनुभवों और लोगों के विचार जानना है।इसके अलावा पिता और बेटी की जोड़ी अपनी इस पदयात्रा के दौरान केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर भी लोगों को संदेश देना चाहती है।

गोरख सिंह ने कहा कि अग्निपथ और अग्निवीर मुद्दे पर युवा गुमराह हो गए,जिन्हें इस पदयात्रा के जरिए वह संदेश भी देना चाहते हैं।उन्होंने बताया कि अग्निपथ और अग्निवीर जैसे फैसले एक रात में नही लिए जाते। प्रधानमंत्री मोदी कोई फैसला तुरंत नहीं लेते हैं। उन्होंने बताया कि जब वह 10 साल पहले गुलमर्ग में पोस्टेड थे, तब जनरल बिपिन रावत ने इस योजना की चर्चा की थी। एक दशक से इस योजना पर विचार किया जा रहा था।

गोरख सिंह ने कहा कि सेना नौकरी का जरिया नहीं हो सकती बल्कि यह राष्ट्रभावना है।भारतीय सेना को मजबूत करने के लिए युवाओं की आवश्यकता है।वह गुमराह न हों बल्कि इस सेवा से मिलने वालों लाभ पर विचार करते हुए भारतीय सेना को मजबूती देने का विचार करें।

गोरख सिंह की बेटी देहरादून के एक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रही है। वह अपने सैनिक पिता को आदर्श मानती हैं। सेना के प्रति सम्मान रखती हैं। पलाशिका ने बताया कि उसके पिता की इस यात्रा में वह खुद से तैयार हुई और सैनिक पिता के कदम से कदम मिलाकर वह इस यात्रा को पूरी करना चाहती है। अग्निपथ योजना का समर्थन करने हुए पलाशिका कहती है एक युवा के तौर पर वह इसका समर्थन करती है।


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