पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला:अमेरिकी सहित सात विदेशियों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत,राष्ट्रीय सुरक्षा भंग के आरोप
पटियाला हाउस कोर्ट का फैसला:अमेरिकी सहित सात विदेशियों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत,राष्ट्रीय सुरक्षा भंग के आरोप

06 Apr 2026 |   11



 

नई दिल्ली।पटियाला हाउस कोर्ट परिसर एनआईए अदालत ने सोमवार को राष्ट्रीय सुरक्षा भंग करने के आरोप में सात विदेशी नागरिकों (एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी) को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैन डाइक और यूक्रेनी नागरिक हुरबा पेट्रो,स्लिवियाक तारास, इवान सुकमानोव्स्की,स्टेफांकीव मारियन, हॉन्चारुक माक्सिम  और कामिन्स्की विक्टर शामिल हैं।इन पर बिना अनुमति प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने का आरोप है।

एनआईए हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद इन सभी को एनआईए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा के समक्ष पेश किया गया।अदालत ने एनआईए की याचिका स्वीकार करते हुए इन सभी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।इससे पहले 16 मार्च को अदालत ने एनआईए को पूछताछ के लिए 11 दिन की हिरासत दी थी,जिसे बाद में 10 दिन और बढ़ाया गया था।

एनआईए की रिमांड अर्जी में जांच अधिकारी ने एफआईआर का हवाला देते हुए बताया कि कुछ यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग तारीखों पर पर्यटक वीजा पर भारत आए।वे गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम गए,लेकिन रेस्ट्रिक्टेड एरिया परमिट (आरएपी) या प्रोटेक्टेड एरिया परमिट (पीएपी) जैसी जरूरी अनुमतियां प्राप्त नहीं कीं।इसके बाद ये व्यक्ति अवैध रूप से म्यांमार में घुसे और वहां एथनिक आर्म्ड ऑर्गनाइजेशंस (ईएओ) को पहले से तय प्रशिक्षण देने गए। 

अदालत ने एनआईए हिरासत की अनुमति देते हुए अपने आदेश में कहा कि एफआईआर में लगाए गए आरोपों को टुकड़ों में नहीं देखा जा सकता।अदालत ने कहा,निस्संदेह एफआईआर में आरोपियों के मिजोरम (निषिद्ध क्षेत्र) बिना अनुमति जाने और उसके बाद अवैध रूप से म्यांमार में घुसने का जिक्र है,लेकिन इसमें यह भी उल्लेख है कि म्यांमार के एथनिक आर्म्ड ऑर्गनाइजेशंस से जुड़े ये आरोपी कुछ प्रतिबंधित भारतीय विद्रोही समूहों को हथियार, आतंकवादी उपकरण सप्लाई कर रहे हैं और उन्हें प्रशिक्षण दे रहे हैं।

More news