चीन और जापान से भर भरकर आ रहा यह केमिकल, जानें भारत ने क्या लिया ऐक्‍शन
चीन और जापान से भर भरकर आ रहा यह केमिकल, जानें भारत ने क्या लिया ऐक्‍शन

19 Jun 2026 |   27



 

नई दिल्‍ली।चीन और जापान से एक केमिकल रेसोरसिनॉल भर भरकर भारत आ रहा है।भारत ने अब इंपोर्ट की एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है।इसका इस्‍तेमाल टायर और रबर के सामान बनाने और इंडस्ट्रियल कामों में होता है।।यह जरूरी केमिकल है।यह जांच इसलिए शुरू की गई है क्योंकि आरोप है कि कम कीमत वाले शिपमेंट से घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को नुकसान हो रहा है।पीटीआई की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

जानें कैसे हुई ऐक्शन की शुरुआत

यह जांच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ ट्रेड रेमेडीज(डीजीटीआर) ने अतुल लिमिटेड की शिकायत के बाद शुरू की।कंपनी ने आरोप लगाया था कि इस केमिकल के डंप किए गए इंपोर्ट से घरेलू इंडस्ट्री को काफी नुकसान हो रहा है।डीजीटीआर ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि एप्‍लीकेंट की तरफ से दिए गए सही सबूतों और संबंधित सामान की डंपिंग के बारे में एप्‍लीकेंट की ओर से पेश किए गए शुरुआती सबूतों से संतुष्ट होने के बाद अथॉरिटी एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर रही है।इस जांच में चीन और जापान से रेसोरसिनॉल की डंपिंग के होने,उसके दायरे और असर की पड़ताल की जाएगी।अगर डीजीटीआर इस नतीजे पर पहुंचती है कि इंपोर्ट से घरेलू प्रोड्यूसर्स को काफी नुकसान हुआ है तो वह एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाने की सिफारिश कर सकती है। लेवी (टैक्स) लगाने का अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय करती है।

जानें कहां होता है इस्‍तेमाल

बता दें कि रेसोरसिनॉल केमिकल का इस्तेमाल मुख्य रूप से टायर और रबर के सामान बनाने और रेजिन बॉन्डिंग के कामों में एक इंटरमीडियट के तौर पर किया जाता है।इसका इस्तेमाल खास तरह के लकड़ी के एडहेसिव रेजिन,डाई,फार्मास्यूटिकल्स और कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी होता है।

इस लिए एंटी-डंपिंग जांच की जाती है

एंटी-डंपिंग जांच यह पता लगाने के लिए की जाती है कि क्या सस्ते इंपोर्ट में अचानक बढ़ोतरी से घरेलू इंडस्ट्री पर बुरा असर पड़ा है।ट्रेड रेमेडी के तौर पर देश वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन के नियमों के तहत एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा सकते हैं ताकि निष्पक्ष कॉम्पिटिशन हो सके। साथ ही घरेलू मैन्युफैक्चरर्स को बराबरी का मौका मिले।भारत पहले ही चीन समेत कई देशों से आने वाले कई तरह के प्रोडक्ट्स पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगा चुका है। इसका मकसद यह है कि अनुचित कीमत वाले इंपोर्ट का मुकाबला किया जा सके।

More news