बाराबंकी।उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक हैरतअंगेज मामला मामला सामने आया है।कोठी थाना क्षेत्र के एक गांव में रात में दुल्हन को जयमाल पहनाने वाला और सात फेरे लेने वाला दूल्हा ट्रांसजेंडर निकल गया।भला हो किन्नरों की उस टोली का जो दुल्हन की विदाई के समय नेग मांगने पहुंची थी।वर्ना दूल्हे राजा तो दुल्हन साथ में लेकर निकल गए होते।सच सामने आते ही घरवालों ने दुल्हन की विदाई से इनकार कर दिया।
किन्नरों की टोली ने दूल्हे को लिया पहचान
बीते शुक्रवार को किन्नरों की टोली जब नेग मांगने पहुंची तो दूल्हे को पहचान लिया।बताया कि दूल्हा कुछ महीने पहले तक उन्हीं लोगों के साथ मिलकर नेग मांगता था,ये बात सुनते ही बाराती भाग गए।गुस्साए लड़की वालों ने दूल्हे को पकड़कर बंधक बना लिया।फौरन पुलिस को फोन किया गया,लेकिन पुलिस आने से पहले ही किन्नर समुदाय के लोग दूल्हे को अपने साथ लेकर चले गए।
दूल्हे ने की भागने की कोशिश
बताया जा रहा है कि दूल्हे ने इस मामले को दबाने के लिए किन्नरों की टोली को 23 हजार रुपये देने की कोशिश की थी। यह देखकर दुल्हन के घरवालों को शंका हुई। उन्होंने दूल्हे को चेक करने की बात की।इस पर दूल्हा वहां से भागने की कोशिश करने लगा।लड़की वालों ने दौड़ाकर दूल्हे को बंधक बना लिया।मौके पर तनाव का माहौल बन गया। पुलिस आई और उसने हालात को संभालने का प्रयास किया, लेकिन लड़की वालों ने शादी तोड़ते हुए विदाई से इनकार कर दिया।
घंटों चली पंचायत के बाद हुआ समझौता
कोठी पुलिस ने लड़की के नाराज घरवालों और दूल्हे पक्ष को बैठाकर शांत किराया।घंटों तक चली पंचायत के बाद दोनों पक्षों में लेन-देन को लेकर समझौता हो गया। पुलिस का कहना है कि किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। बारात बगैर दुल्हन विदा हो गई।