ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र का शुक्रवार को पांचवां दिन था।राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब निवेश का विस्तार हो रहा है।अयोध्या,प्रयागराज और वाराणसी समेत अन्य शहरों में करोड़ों लोग आ रहे हैं अब यूपी बीमारू नहीं तेज विकास करने वाला राज्य है।
सीएम योगी ने कहा कि महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण में दो-तीन प्रमुख बिंदुओं पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। सीएम ने बताया कि पिछले आठ सालों में डबल इंजन सरकार के सतत प्रयासों से 6 करोड़ से अधिक आबादी को बहुआयामी गरीबी रेखा से ऊपर उठाया गया है,ये नीति आयोग के आधिकारिक आंकड़े हैं,जो देशभर में लागू विकासपरक और कल्याणकारी योजनाओं के सकारात्मक परिणाम को दर्शाते हैं।
सीएम योगी ने साफ़ किया कि गरीबी रेखा से ऊपर आने का मतलब यह नहीं है कि इन लाभार्थियों को अन्य सरकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जाएगा।सीएम ने कहा कि राशन की सुविधा यथावत मिलती रहेगी।साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ भी पूर्व की भांति जारी रहेगा।शासन की अन्य सभी कल्याणकारी सुविधाएं और योजनाएं भी बिना किसी बदलाव के मिलती रहेंगी।
सीएम योगी ने कहा कि यह यात्रा केवल सत्ता प्राप्त करने की होड़ नहीं थी,बल्कि इसके पीछे सरकार की स्पष्ट नीति,साफ नीयत और दृढ़ इच्छाशक्ति थी।सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार ने जनता के भीतर विश्वास का संचार किया।सीएम ने जोर देकर कहा कि आज उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य नहीं रहा,अब उत्तर प्रदेश टीटीटी का प्रतीक बनकर उभरा है।टीटीटी यानी टेक्नोलॉजी,ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की त्रिवेणी के रूप में प्रदेश ने नई पहचान बनाई है,जिस प्रकार त्रिवेणी का संगम प्रयागराज में होता है,उसी प्रकार अब पूरा उत्तर प्रदेश इस नई त्रिवेणी का प्रतीक बन चुका है। सीएम ने कहा कि यह 9 साल की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है,कर्फ्यू से कानून की यात्रा है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश का परसेप्शन अचानक खराब नहीं हुआ था,बल्कि उसके पीछे विशेष आचरण जिम्मेदार था। सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि इसी आचरण से बेटियां घबराती थीं और व्यापारी अपना कारोबार समेटने को मजबूर होते थे। सीएम ने कहा कि उस आचरण की झलक अभिभाषण के दौरान भी देखने को मिली,जिसे प्रदेश का कोई भी नागरिक स्वीकार नहीं करेगा।
सीएम योगी ने विपक्ष के नेता से कहा कि आपकी बातें व्यवहारिक थीं और आप व्यवहारिक बातें रखने का प्रयास भी करते हैं,हालांकि परिस्थितियों में आपके हाथ बंधे हुए हैं। सीएम ने अपने संबोधन के अंत में गालिब का शेर उद्धृत करते हुए कहा, गालिब उम्र भर मैं ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आईना साफ करता रहा।