नई दिल्ली।चीन की अर्थव्यवस्था की रफ्तार कमजोर पड़ने लगी है।ऐसे में सरकार ने साल के बाकी महीनों में ज्यादा सरकारी खर्च करने और जरूरत पड़ने पर नए कदम उठाने का भरोसा दिया है।सरकार चाहती है कि देश में कारोबार बढ़े और लोग ज्यादा खरीदारी करें।
तीन साल में सबसे कमजोर रफ्तार
अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में चीन की अर्थव्यवस्था 4.3 फीसदी की दर से बढ़ी।यह पिछले तीन साल से ज्यादा समय में सबसे धीमी ग्रोथ है।यह आंकड़ा सरकार के पूरे साल के 4.5 फीसदी से 5 फीसदी के लक्ष्य से भी नीचे रहा।चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की शीर्ष संस्था पोलित ब्यूरो ने माना कि देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है। इसलिए सरकार अब लोगों की खर्च करने की क्षमता और खरीदारी बढ़ाने पर जोर देगी। हालांकि अभी किसी नए राहत पैकेज का ऐलान नहीं किया गया है।
बड़े राहत पैकेज से फिलहाल परहेज
सरकार अभी बड़े पैमाने पर पैसा खर्च करने के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना चाहती है।उसकी कोशिश है कि फैक्ट्रियों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन,सामान की गिरती कीमतें और स्थानीय सरकारों पर बढ़ते कर्ज जैसी समस्याओं पर भी काबू पाया जा सके।
कंपनियों की कीमतों की जंग पर लगेगी लगाम
सरकार ने कंपनियों के बीच चल रही सस्ते दाम पर सामान बेचने की होड़ पर भी चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि इस वजह से कंपनियों का मुनाफा घट रहा है। इसलिए ऐसी कीमतों की जंग पर रोक लगाने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।सरकार ने कहा है कि साल के बाकी महीनों में सरकारी खर्च तेज किया जाएगा, ताकि कारोबार को सहारा मिले, लोगों की मांग बढ़े और अर्थव्यवस्था फिर से रफ्तार पकड़ सके।