कर्ज की मजबूरी और दिल दहला देने वाली मौत,काशी सामूहिक खुदकुशी करने के मामले में आया नया मोड़
कर्ज की मजबूरी और दिल दहला देने वाली मौत,काशी सामूहिक खुदकुशी करने के मामले में आया नया मोड़

09 Dec 2023 |  35






वाराणसी।देश की सांस्कृतिक राजधानी काशी के एक धर्मशाला में आंध्र प्रदेश के एक ही परिवार के चार लोगों ने फांसी के फंदे पर लटकर सामूहिक खुदकुशी की थी।इस मामले में शुक्रवार को नया खुलासा हुआ है।पुलिस को मौके एक सुसाइड नोट बरामद हुआ जो तेलुगू भाषा में लिखा हुआ था।मृतक परिवार को कर्ज देने वाले प्रताड़ित कर रहे थे और बडे़ नेताओं के नाम की धमकी देकर रुपये वसूल रहे थे।

पुलिस को मौके पर मृतकों का जो सुसाइड नोट मिला है, उसमें खुदकुशी करने का हैरान कर देने वाला कारण सामने आया है।परिवार के चारों लोगों ने आर्थिक हालत खराब होने की वजह से खुदकुशी की थी।साथ ही काशी में खुदकुशी करने का और यही अंतिम संस्कार करने के पीछे धार्मिक मान्यता भी थीं।बरहाल मृतक परिवार के बड़े बेटे राजेश ने साफ तौर पर तीन लोगों को आरोपी बनाया है,जिनकी वजह से परिवार ने खुदकुशी करने का फैसला लिया।

बता दें कि आंध्र प्रदेश के जिला पूर्व गोदावरी के माण्डा पेटा क्षेत्र से आए एक ही परिवार के चार लोग 50 वर्षीय कोंडा बाबू,45 वर्षीय लावण्या,25 वर्षीय राजेश और 23 वर्षीय जयराज ने दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के देवनाथपुरा पांडेय हवेली इलाके के काशी कैलाश भवन नाम की धर्मशाला में फांसी लगाकर खुकुशी की थी।इसमें कोंडा बाबू (पति), लावण्या (पत्नी) और उनके दोनों बेटे राजेश और जयराज थे।यह घटना जितना दिल दहला देने वाली है उतनी ही दर्दनाक भी है क्योंकि चारों ने खुदकुशी करने से पहले जो सुसाइड नोट तैयार किया था और आत्महत्या की वजह बताई थी जो अपने आप में हैरान करने वाली है।

कर्ज देने वालों की प्रताड़ना से परेशान परिवार ने की खुदकुशी

सुसाइड नोट के मुताबिक मांडा पेटा इलाके के दुर्गा दिव्यश्री आटो कंसल्टेंसी कंपनी जहां से सेकेंड हैंड बाइक बिका करती है।वहां राजेश काम करता था और उसने अपने निजी काम के लिए 6 लाख रुपये उधार लिए थे,जिसके बाद दुकानदार- पेंटगदल प्रसाद,रामीरेड्डी वीर लक्ष्मी और मल्ली बाबू ने मिलकर न केवल पूरे परिवार को काफी प्रताड़ित किया,बल्कि परिवार के सभी सदस्यों से 10-10 सफेद पेपर पर साइन और 20 साइन किए ब्लैंक चेक भी ले लिए थे।

सुसाइड नोट से हुए कई खुलासे

सुसाइड नोट के मुताबिक पूरी जमा-पूंजी और सोने गहने बेचकर परिवार ने 6 लाख में से 5 लाख रुपये भी लौटा दिए थे,लेकिन साइन किए हुए कागज और ब्लैंक चेक लौटाने के सभी तीनों मुकर गए और उल्टा जान से मारने की धमकी देने लगे और 6 लाख रुपये की मांग करने लगे और सिर्फ दस दिनों का वक्त दिया।आरोपियों ने एक पूर्व मुख्यमंत्री और बड़ा नेता का रसूख भी दिखाया था।

सुसाइड नोट में बड़े नेता का जिक्र

सुसाइड नोट के मुताबिक इसके बाद परिवार वहां से निकलकर कोलकाता, तमिलनाडु, हरिद्वार और फिर वाराणसी आया।जब रुपये खत्म हो गए तो चारों ने सुसाइड नोट लिखने के दिन यानी 7 दिसंबर 2023 को अपना आखिरी दिन बताया और अपने मौत की वजह तीनो दुकानदार- पेंटगदल प्रसाद, दुकान में काम करने वाली कर्मचारी- रामीरेड्डी वीर लक्ष्मी और राजनैतिक पकड़ वाले- मल्ली बाबू को ठहराते हुए न्याय की गुहार लगाई और अपने सुसाइड नोट को डेथ स्टेटमेंट बताया। परिवार ने तीनों आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग भी सुसाइड नोट में की है।साथ ही काशी में अपने अंतिम संस्कार की मांग करी।

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