रामपथ,भक्तिपथ और धर्मपथ के बाद राजा दशरथ की समाधि तक बनेगा 15 किमी लंबा दशरथ पथ
रामपथ,भक्तिपथ और धर्मपथ के बाद राजा दशरथ की समाधि तक बनेगा 15 किमी लंबा दशरथ पथ

25 Apr 2026 |   22



 

अयोध्या।रामनगरी अयोध्या आस्था और विरासत का भव्य प्रतीक बनती जा रही है।रामपथ,भक्तिपथ और धर्मपथ के बाद अब प्रभु श्रीराम के पिता महाराज दशरथ के नाम पर दशरथ पथ तैयार हो रहा है।यह भव्य कॉरिडोर लगभग 15 किलोमीटर लंबा होगा,ये सीधे राजा दशरथ की समाधि स्थल तक पहुंचेगा।यह सिर्फ एक पथ नहीं होगा,बल्कि इतिहास, अध्यात्म और कला का ऐसा संगम होगा,जो श्रद्धालुओं को सीधे राजा दशरथ की स्मृतियों तक पहुंचाएगी।

साकेत पेट्रोल पंप से बिल्वहरी घाट तक बनने वाला यह 15 किलोमीटर लंबा दशरथ पथ अपनी भव्यता से हर किसी को आकर्षित करेगा।रास्ते के डिवाइडर पर 30 विशाल स्तंभ स्थापित किए जाएंगे,इन स्तंभों पर योग की 15 हस्त मुद्राएं और 15 शस्त्र मुद्राएं दर्शाती आकर्षक प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। लगभग 6 फीट ऊंची ये कलाकृतियां इस मार्ग को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव से भर देंगी।

कल्पना कीजिए,जैसे-जैसे आप इस पथ पर आगे बढ़ेंगे, भारतीय योग परंपरा और शौर्य की झलक आपके साथ चलती नजर आएगी,यह अनुभव किसी साधारण सड़क यात्रा जैसा नहीं,बल्कि संस्कृति की जीवंत यात्रा जैसा होगा।यह अयोध्या धाम को उस पवित्र स्थल से जोड़ेगा,जहां प्रभु श्रीराम के पिता महाराज दशरथ की समाधि स्थित है।यह स्थान अयोध्या से लगभग 14-15 किलोमीटर दूर है।अब तक यहां पहुंचने में श्रद्धालुओं को कुछ कठिनाई होती थी,लेकिन दशरथ पथ बनने के बाद यात्रा बेहद आसान,तेज और सुविधाजनक हो जाएगी।श्रद्धालु सीधे और सुगमता से इस पावन स्थल तक पहुंच सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप इस परियोजना को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।दशरथ पथ के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 85 लाख रुपये खर्च होगा,इसमें आकर्षक लैंडस्केपिंग,हरियाली,आधुनिक लाइटिंग और सुंदर डिजाइन होंगे।यह पथ 14 मीटर चौड़ा फोरलेन बाईपास होगा, जिससे यातायात सुगम होगा और श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बताते चलें कि राम मंदिर निर्माण के बाद रामनगरी का स्वरूप तेजी से बदल रहा है।रामपथ,भक्तिपथ,धर्मपथ और जन्मभूमि पथ के बाद अब दशरथ पथ भी इस श्रृंखला में शामिल होने जा रहा है।यह आकर्षण का केंद्र बनेगा।दशरथ पथ की सबसे खास बात यही है कि यहां योग,शौर्य,संस्कृति और इतिहास एक साथ जीवंत होते दिखाई देंगे।हर स्तंभ,हर प्रतिमा और हर मोड़ श्रद्धालुओं को रामनगरी की गौरवशाली विरासत का एहसास कराएगा।

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