हापुड़।देश का सबसे लंबा 594 किलोमीटर गंगा एक्सप्रेसवे पर फ्री में सफर आज रात गुरुवार से खत्म हो जाएगा।शासन द्वारा दिया गया 15 दिन का समय पूरा हो गया है।उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने मेरठ से प्रयागराज तक बने गंगा एक्सप्रेसवे पर विभिन्न एंट्री और एग्जिट प्वाइंट के लिए टोल दरें जारी कर दी हैं। सभी टोल प्लाजा पर दरों की सूची सार्वजनिक कर दी गई हैं। बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे से रोज 12 से 14 हजार वाहन निकल रहे हैं।इस एक्सप्रेसवे पर वाहन 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से दौड़ रहे हैं।
गंगा एक्सप्रेसवे पर एंट्री के समय नहीं,बल्कि एग्जिट पर टोल वसूला जाएगा,जितनी लंबी दूरी तय होगी,उतना ही टोल देना पड़ेगा।मेरठ परिक्षेत्र से एक तिहाई गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड द्वारा किया गया है,जबकि अन्य दो तिहाई एक्सप्रेसवे का निर्माण अडानी ग्रुप द्वारा किया गया है।
वाहन चालकों से टोल एक ही बार कटेगा,लेकिन वह स्वत: अलग-अलग होकर दोनों कंपनियों के खातों में चला जाएगा। मेरठ के बिजौली से बदायू तक के पहले सेक्टर की देखरेख अब आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड कर रही है।
यह पूरी तरह से फास्टटैग आधारित ट्रांजिट सिस्टम है।इसमें आपके द्वारा तय की गई दूरी के मुताबिक ही टोल कटता है। प्रारंभिक निर्धारण के अनुसार कार/जीप से 2.55 प्रति किलोमीटर (पूरे सफर पर लगभग 1,515 ) बस और ट्रक पर 8.20 प्रति किलोमीटर (पूरे सफर का करीब 5,700 रुपये उससे अधिक) लिया जाएगा। हालांकि इन दरों में थोड़ा बदलाव हो सकता है। माना जा रहा है कि कार-जीप का शुल्क बढ़कर 1800 रुपये हो सकता है।
देश के पहले डिजिटल एक्सप्रेसवे का संचालन 30 अप्रैल से आरंभ हो चुका है।शासन ने वाहनों का संचालन आरंभ होने के साथ ही पहले 15 दिन तक टाेल वसूली नहीं करने के आदेश दिए थे। अभी टोल आरंभ नहीं हुआ है, हालांकि इसी बीच टोल दरों में बढ़ोतरी कर दी गई हैं।
पहले कार का मेरठ से प्रयागराज तक का टोल 1515 रुपये लिया जाना था। अब इसको संशोधित कर लगभग 1800 रुपये किएजाने की संभावना है।गंगा एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन दौड़ रहे हैं।
मेरठ से बदायूं तक 130 किलोमीटर लंबे पहले पैकेज में कुल सात टोल और रैंप प्लाजा बनाए गए हैं। इन सभी से एक्सप्रेसवे पर प्रवेश और निकास किया जा सकता है। प्रयागराज तक टोल प्लाजा की कुल संख्या 12 है। गंगा एक्सप्रेसवे पर टोल व्यवस्था के लिए एमएलएफएफ (मल्टी लेन फ्री फ्लो) तकनीक युक्त सिस्टम स्थापित किया गया है।
इससे वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे पर प्रवेश करते समय रुकने की जरूरत नहीं होगी। दौड़ते हुए वाहनों को ही यह सिस्टम स्कैन करके उनकी इंट्री कर लेगा। फिलहाल निकास पर टोल कटवाने के लिए टोल बूथ से गुजरना होगा,लेकिन जल्द ही इसे भी फ्री फ्लो कर दिया जाएगा।
गंगा एक्प्रेसवे के लिए टोल की दरों को अभी सरकार द्वारा घोषित नहीं किया गया है,लेकिन इस पर प्रति किमी यात्रा के लिए औसत टोल दर निर्धारित है। इस एक्सप्रेसवे की विशेष बात यह है कि वाहन चालकों को केवल उतना ही टोल टैक्स देना होगा जितनी वह यात्रा करेंगे। इस एक्सप्रेसवे पर दो पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। प्रवेश करने पर उनपर भारी भरकम जुर्माना लगाने का प्रावधान है।