पूर्वांचल में 50 दिन बाद आएगा मानसून,सोनभद्र के रास्ते होगी एंट्री,प्री मानसूनी पर‍िस्‍थि‍त‍ियां भी जल्‍द होंगी सक्र‍िय
पूर्वांचल में 50 दिन बाद आएगा मानसून,सोनभद्र के रास्ते होगी एंट्री,प्री मानसूनी पर‍िस्‍थि‍त‍ियां भी जल्‍द होंगी सक्र‍िय

30 Apr 2026 |   23



 

वाराणसी।पूर्वांचल में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों के बाद हाल ही में हुई बारिश से लोगों को राहत मिली है,लेकिन के लोगों मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि बहुप्रतीक्षित मानसून की उत्तर प्रदेश में कब एंट्री होगी।वर्तमान में 50 दिन बाद मानसून की एंट्री होगी। देश में मानसून की 1 जून तक केरल और तमिलनाडु में एंट्री हो जाती है,लेकिन पूर्वांचल में यह सोनभद्र के रास्ते एंट्री करता है।सोनभद्र जिला बिहार, झारखंड,छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से जुड़ा हुआ है।

मानसून की एंट्री से पहले खोड़वा पहाड़ पर बादलों के झुंड दिखने लगता है।इसी के साथ मानसून उत्तर प्रदेश में सोनभद्र जिले के रास्ते एंट्री करता है।आमतौर पर मानसून की 18 से 20 जून के बीच सोनभद्र के रास्ते पूर्वांचल में एंट्री है, इसके बाद मानसूनी बादल आगे बढ़ते हुए लखनऊ और कानपुर होते हुए देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंचते हैं।

 इस साल मानसून की एंट्री से पहले मई महीने के अख‍िर तक प्री मानसूनी स्थिति सक्रिय रहेगी।इसके साथ ही 25 मई से 2 जून के बीच नौतपा भी धरती का तापमान बढ़ाने में योगदान देगा।नौतपा के दौरान गर्मी और लू के थपेड़े लोगों को परेशान कर सकते हैं,जिससे मानसून की प्रतीक्षा कुछ द‍िन बढ़ जाएगी,लेक‍िन नौतपा ज‍ितना तपेगा उतना ही माना जा रहा है क‍ि मानसून भी लोगों को राहत देगा।  

मानसून की एंट्री से पहले तापमान में वृद्धि होना स्वाभाविक है।यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय हो सकती है,क्योंकि वे मानसून की बारिश पर निर्भर रहते हैं।अगर मानसून समय पर नहीं आता है, तो फसलों की बुवाई में देरी हो सकती है,जिससे कृषि उत्पादन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

इस साल  मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी किया है कि मानसून सामान्य से अधिक सक्रिय रहेगा,जिससे पूर्वांचल में अच्छी बारिश की संभावना है।हालांकि यह भी ध्यान रखना आवश्यक है कि मौसम की स्थिति में अचानक परिवर्तन हो सकता है।पूर्वांचल में मानसून की एंट्री का इंतजार जारी है और सभी की नजरें अब इस महत्वपूर्ण मौसम परिवर्तन पर टिकी हुई हैं। मगर 20 जून के आसपास मानसून की एंट्री का अनुमान अमूमन सटीक ही हर वर्ष रहा है। ऐसे में मानसून की एंट्री की तैयार‍ियों पर क‍िसानों की भी नजर ट‍ि‍की हुई है।

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