गाजीपुर निशा हत्याकांड:सपा समर्थकों और ग्रामीणों में खूनी संघर्ष,कोतवाल-दारोगा समेत कई घायल, 200 से अधिक लोगों पर एफआईआर
गाजीपुर निशा हत्याकांड:सपा समर्थकों और ग्रामीणों में खूनी संघर्ष,कोतवाल-दारोगा समेत कई घायल, 200 से अधिक लोगों पर एफआईआर

24 Apr 2026 |   31



 

गाजीपुर।उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के करंडा थाना क्षेत्र के कटरिया गांव में निशा विश्वकर्मा हत्याकांड के बाद बुधवार को भारी हिंसा भड़क गई।समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और विधायकों का डेलिगेशन पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा था।पुलिस ने सिर्फ 15 लोगों को अनुमति दी थी, लेकिन लगभग 250 समर्थकों की भीड़ जबरन गांव में घुसने लगी।ग्रामीणों ने अवांछनीय तत्वों की आशंका जताते हुए उन्हें रोका,जिसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।पथराव में शहर कोतवाल और करंडा थानाध्यक्ष क‌ई पुलिसकर्मी सहित कई लोग लहूलुहान हो गए।पुलिस ने अब 40 नामजद और 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

*धरने के दौरान अचानक मची भगदड़,हुआ पथराव*

सपा विधायक और कार्यकर्ता गांव के बाहर धरने पर बैठ गए थे,इसके बाद पुलिस ने बीच-बचाव कर पीड़ित परिवार को वहीं बुलाकर मुलाकात करवाई,लेकिन मुलाकात के दौरान ही माहौल बिगड़ गया और जान से मारो जैसे नारों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई।सपा समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने ईंट-पत्थर और लाठी-डंडों से हमला किया।इस हिंसक झड़प में स्थानीय युवक अभिनंदन और एक महिला के साथ कई पुलिसकर्मी चोटिल हो गए।

*पुलिस प्रशासन और सपा के अपने-अपने दावे*

सपा प्रवक्ता शौर्या सिंह ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के निर्देश पर पहुंचे डेलिगेशन को पुलिस का सहयोग नहीं मिला।वहीं एडिशनल एसपी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि पीड़ित परिवार पुलिस कार्रवाई से संतुष्ट था,लेकिन बाहरी भीड़ ने माहौल खराब किया।भीड़ में शामिल अवांछनीय तत्वों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती दी। बता दें कि घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है,दुकानें बंद हो गईं और लोग घरों में दुबक गए हैं।

*10 लोग हिरासत में,जांच और पुलिस तैनात*

निशा विश्वकर्मा का शव 15 अप्रैल को गंगा किनारे मिला था।आरोपी हरिओम पांडेय को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। पीड़िता के पिता ने घटना को लेकर अफवाहें न फैलाने की अपील की है।फिलहाल पुलिस ने 10 लोगों को हिरासत में लिया है और बाकी आरोपियों की तलाश के लिए दबिश दे रही है।इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कई थानों की पुलिस तैनात की गई है और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

बता दें कि गाजीपुर पुलिस ने हिंसा मामले में गिरफ्तार 10 नामजद लोगों को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोप है कि इन लोगों ने समाजवादी पार्टी के समर्थकों पर ईंट-पत्थर चलाए थे।घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर घटना की साजिश और अन्य शामिल लोगों की जानकारी जुटा रही है।

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