नई दिल्ली।देश की शिक्षा व्यवस्था,परीक्षा में गड़बड़ियों और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी(सीजेपी) का धरना प्रदर्शन लगातार जारी है।पर्यावरण कार्यकर्ता और लद्दाख के सामाजिक नेता सोनम वांगचुक ने इस प्रदर्शन को अपना समर्थन देते हुए बड़ा ऐलान किया है।सोनम वांगचुक ने कहा कि यदि सरकार 27 जून तक जनता के सवालों पर जवाबदेही नहीं दिखाती है, तो वह 28 जून से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल शुरू करेंगे। वांगचुक के इस ऐलान से आंदोलन में नई चर्चा शुरू हो गई है और समर्थकों में उत्साह देखा जा रहा है।
सरकार को दिया 27 जून तक का समय
सोनम वांगचुक ने अपने संदेश में कहा कि लोकतंत्र में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जनता की चिंताओं को सुने और उनके प्रति जवाबदेह बने। वांगचुक ने कहा कि लंबे समय से कई जरूरी मुद्दों पर लोगों की आवाज उठ रही है,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है,इसी कारण सरकार को 27 जून तक का समय दिया है।यदि इस दौरान कोई सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठेंगे।वांगचुक ने कहा कि यह कदम किसी टकराव के लिए नहीं,बल्कि सरकार और जनता के बीच सार्थक संवाद स्थापित करने के लिए उठाया जा रहा है।कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन लोकतंत्र को मजबूत बनाने का माध्यम होता है।
अहिंसक और लोकतांत्रिक आंदोलन पर जोर
सोनम वांगचुक ने लोगों से अपील की है कि वे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। वांगचुक ने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के दायरे में रहकर ही किसी भी आंदोलन को आगे बढ़ाया जाना चाहिए। वांगचुक ने युवाओं से भी जागरूक रहने और देश के जरूरी मुद्दों पर अपनी भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
सोनम वांगचुक के समर्थन और भूख हड़ताल की घोषणा के बाद आंदोलनकारियों का कहना है कि इससे उनकी आवाज को और मजबूती मिलेगी।उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोग आंदोलन के साथ अधिक संख्या में जुड़ सकते हैं।
सीजेपी के धरने को मिलेगा समर्थन
बता दें कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर काॅकरोच जनता पार्टी का धरना पिछले 6 दिनों से चल रहा है।सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और कार्यकर्ता लगातार छात्रों,शिक्षकों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं।आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार,परीक्षा पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जा रहा है।