एसआईटी के सामने पेश हुए आप सांसद संजय सिंह,बोले- आठ करोड़ में खरीदी गई चार करोड़ की जमीन,महाघोटाला हुआ,सबूत सौंपे
एसआईटी के सामने पेश हुए आप सांसद संजय सिंह,बोले- आठ करोड़ में खरीदी गई चार करोड़ की जमीन,महाघोटाला हुआ,सबूत सौंपे

25 Jun 2026 |   24



ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी 

लखनऊ।आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह गुरुवार को राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बनाई गई एस‌आईटी के मुखिया विजय विश्वास पंत के सामने पेश हुए और अयोध्या में जमीनों की खरीद में हुए घोटाले के दस्तावेज सौंपे।

अयोध्या में जमीनों की खरीद में महाघोटाला हुआ

मीडिया को संबोधित करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अयोध्या में जमीनों की खरीद में महाघोटाला हुआ है। चार करोड़ की जमीन कुछ ही दिनों के बाद आठ करोड़ में खरीदी गईं और इसमें राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जुड़े लोग शामिल हैं।संजय सिंह ने कहा कि महाघोटाले से जुड़े सबूत दस्तावेजों के रूप में एसआईटी को सौंप दिए गए हैं,जिस पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया है।अब देखते हैं कि क्या कार्रवाई होती है।कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के नाम पर महाघोटाला हुआ है।

एसआईटी रिपोर्ट ने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बीच एक ऐसा तथ्य सामने आया है,जिसने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।साल 2020 में ट्रस्ट के गठन के कुछ ही महीनों बाद निजी ऑडिट फर्म ने दान प्रबंधन,आभूषणों के रिकॉर्ड,वित्तीय निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत कर सुधार की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद ध्यान नहीं दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक फर्म ने रिपोर्ट में कहा था...

सूत्रों के मुताबिक फर्म ने रिपोर्ट में कहा था कि वित्तीय रिपोर्टिंग के लिए जरूरी अभिलेखों का अभाव है और प्रबंधन की जवाबदेही तय करने वाली स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था भी नहीं है। एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में भी चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े गंभीर सवाल उठे हैं,ऐसे में छह साल पुरानी इस ऑडिट रिपोर्ट को अपनी जांच का अहम आधार बन सकती है।

सबकुछ पता था तब भी की अनदेखी 

ट्रस्ट को चेताया गया था कि बिना मानक संचालन प्रक्रिया के वित्तीय और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखना कठिन होगा।फर्म ने लेन-देन,डाटा प्रबंधन,मानव संसाधन और रिकॉर्ड संधारण के लिए विस्तृत एसओपी लागू करने की सिफारिश की थी।

फर्म ने सबसे गंभीर टिप्पणी दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर की

फर्म ने सबसे गंभीर टिप्पणी दान और आभूषणों के रिकॉर्ड को लेकर की थी।रिपोर्ट में कहा गया था कि नकदी के अलावा प्राप्त होने वाले दान के लिए समुचित स्टॉक रजिस्टर और निगरानी तंत्र विकसित किया जाना चाहिए।बैंक समन्वयन और वित्तीय निगरानी के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की कमी भी चिन्हित की गई थी।डेटा सुरक्षा और आईटी नियंत्रण को लेकर भी फर्म ने चिंता जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा,डेटा एंट्री की निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए पर्याप्त नियंत्रण तंत्र मौजूद नहीं था।

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