नई दिल्ली।भारत विश्व में सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान में मामूली कमी करते हुए इसके 6.4 प्रतिशत पर रहने की संभावना जताई की है।आईएमएफ ने इससे पहले अप्रैल में मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था। इस हिसाब से जीडीपी की रफ्तार 0.1 प्रतिशत कम हो सकती है।बता दें कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था।
अगले वित्त वर्ष के लिए अनुमान
आईएमएफ ने अगले वित्त के लिए भारत की वृद्धि दर का अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया है। आईएमएफ के मुताबिक निजी उपभोग और सेवा क्षेत्र की मजबूती के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार बनी रहेगी। भारत 6.4 प्रतिशत के वृद्धि अनुमान के साथ सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। निजी उपभोग और सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में मजबूती से इसे समर्थन मिल रहा है।
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के इस साल 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान
विश्व की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के इस साल 4.6 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह 2025 के पांच प्रतिशत से कम है,लेकिन अप्रैल में आईएमएफ के अनुमान से कुछ बेहतर है।ऊंची ऊर्जा कीमतों और संपत्ति बाजार में गिरावट से प्रभावित चीनी अर्थव्यवस्था को सरकारी खर्च, हाई टेक्नोलॉजी मैन्युफैक्चरिंग में तेजी और निर्यात में वृद्धि से मदद मिल रही है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान
कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर का अनुमान भी पहले के 3.1 प्रतिशत से घटाकर 3.0 प्रतिशत कर दिया गया है।वहीं अगले साल का वैश्विक विकास अनुमान 3.2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.4 प्रतिशत कर दिया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के लिए विकास अनुमान में मामूली कमी करने की मुख्य वजह 28 फरवरी को शुरू हुआ पश्चिम एशिया संकट है।
बता दें कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के जवाब में ईरान ने 28 फरवरी को होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था।होर्मुज से विश्व के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का पांचवां हिस्सा आता है।इसके कारण ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने लगीं,जिससे व्यवसायों और उपभोक्ताओं पर दबाव बढ़ा। हालांकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इसे अपनाने में आई तेजी से टेक्नोलॉजी क्षेत्र में मजबूती बनी हुई है,जिसने विकास पर युद्ध के असर को काफी हद तक निष्प्रभावी किया है।आईएमएफ 191 देशों का एक अंतरराष्ट्रीय ऋण संस्थान है,जिसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि और वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना तथा वैश्विक गरीबी को कम करना है।