और बढ़ेगा तेल का संकट,ट्रंप के न‌ए बयान से बढ़ेगी जंग, अगले हफ्ते पर सभी की निगाहें 
और बढ़ेगा तेल का संकट,ट्रंप के न‌ए बयान से बढ़ेगी जंग, अगले हफ्ते पर सभी की निगाहें 

22 Aug 2026 |   30



 

नई दिल्ली।ईरान जंग के लिए अगला हफ्ता बहुत अहम होगा।अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति बदलते हुए सोमवार को अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान करेगा,ये प्रतिबंध क्या होंगे और ईरान इस पर क्या कदम उठाता है और इस सब का ग्लोबल इकोनॉमी पर क्या असर पड़ेगा इस पर पूरे विश्व की नजर रहेगी।वहीं इन सब के बीच ट्रंप के नए बयान के साथ तेल संकट और बढ़ने की आशंका बन गई है।

बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी क्षेत्र तक घोषित कर दिया।वहीं ईरान ने जवाब दिया है कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति की गलतफहमी को दूर कर देगा।इस बीच कच्चे तेल की कीमतें ऊपर ही बनी हुई हैं और ब्रेंट के भाव 94 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गए हैं।

क्या कहा ट्रंप ने

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ समझौता करना चाहता है,लेकिन उनके मुताबिक तेहरान अभी उस सही डील के लिए तैयार नहीं है जिसे वॉशिंगटन स्वीकार कर सके।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को समझौते के लिए जल्दबाजी नहीं है।ईरान समझौता करना चाहता है,लेकिन अमेरिका यह देख रहा है कि आगे क्या होता है और क्या ईरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार होता है।यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन ईरान पर सैन्य दबाव के साथ-साथ आर्थिक दबाव भी बढ़ा रहा है।

होर्मुज को लेकर ट्रंप का बड़ा दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बेहद सख्त बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि वह इस रणनीतिक जलमार्ग को फिलहाल अमेरिकी क्षेत्र के तौर पर देखते हैं।इससे पहले ज्वाइंट बेस एंड्रयूज से दक्षिण कैरोलिना रवाना होने से पहले पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका का होर्मुज और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र पर पूर्ण नियंत्रण है। ट्रंप ने इसे अमेरिकी नाकेबंदी और ईरान के साथ चल रहे व्यापक टकराव के संदर्भ में बताया।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में है शामिल 

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। युद्ध शुरू होने से पहले होर्मुज से वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी गुजरता था।मौजूदा संघर्ष और नाकेबंदी से होर्मुज से शिपिंग गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

ईरान ने ट्रंप के दावे को किया खारिज

ईरान ने ट्रंप के होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र बताए जाने के दावे को स्वीकार नहीं किया है।ईरानी उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने कहा कि होर्मुज की स्थिति को लेकर ट्रंप की समझ को घटनाक्रम या खुद ईरान सही कर देगा। ग़रीबाबादी ने ट्रंप को लेकर एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर उनका भ्रम अपने आप दूर हो जाएगा या फिर हम इस भ्रम को दूर कर देंगे।

सोमवार को हो सकता है आर्थिक प्रतिबंधों का ऐलान 

तनाव बढ़ने की एक बड़ी वजह अमेरिका की नई आर्थिक कार्रवाई भी है।अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान पर इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहा है,इन प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी सोमवार को देने की बात कही गई है।अमेरिकी प्रशासन इन आर्थिक कदमों को ईरान पर अधिकतम दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर देख रहा है।ट्रंप पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि जो देश ईरान को किसी भी तरह की आर्थिक मदद या लाइफलाइन देंगे, उन्हें भी आर्थिक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने इसे नाकेबंदी और नए प्रतिबंधों के दोहरे दबाव वाली रणनीति बताया है।अमेरिका का दावा है कि आर्थिक दबाव ईरान को समझौते के लिए मजबूर कर सकता है और आगे बड़े सैन्य अभियान की जरूरत को कम कर सकता है।

ईरान ने दी विनाशकारी जवाब की चेतावनी

अमेरिका की नई प्रतिबंध नीति पर ईरान की प्रतिक्रिया भी कड़ी रही है।ईरान ने कहा है कि अमेरिकी नए कदमों का जवाब विनाशकारी हो सकता है।ईरानी सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने कहा कि किसी भी नए खतरे की स्थिति में ईरान जमीन,समुद्र,हवा,एयर डिफेंस और साइबर क्षेत्र समेत कई मोर्चों पर जवाब देने के लिए तैयार है।ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर क़ालिबाफ ने भी अमेरिकी प्रतिबंधों को अन्यायपूर्ण बताते हुए कहा कि देश को इनसे निपटने के लिए अपनी आर्थिक रणनीति मजबूत करनी होगी।

छह महीने से जारी टकराव में नया मोड़

अमेरिका-ईरान में युद्ध लगभग छह महीने के करीब पहुंच चुका है और इस दौरान होर्मुज के जरिए ऊर्जा आपूर्ति पर लगातार दबाव बना हुआ है।होर्मुज में शिपिंग गतिविधियों में कमी से वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो रहा है।शुक्रवार को क्षेत्रीय बाजारों में भी अमेरिकी-ईरान तनाव और होर्मुज में कम होती शिपिंग गतिविधियों का असर देखने को मिला, ऐसे में आने वाला हफ्ता खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है।एक तरफ अमेरिका सोमवार को ईरान के खिलाफ नए प्रतिबंधों की जानकारी देने वाला है,वहीं दूसरी तरफ तेहरान ने किसी भी नए दबाव का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
अगर प्रतिबंधों के साथ होर्मुज में शिपिंग व्यवधान और बढ़ता है, तो इसका असर कच्चे तेल की कीमतों,वैश्विक महंगाई और एशियाई शेयर बाजारों तक पहुंच सकता है,इसलिए निवेशकों के लिए आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान बातचीत, होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की स्थिति और तेल की कीमतें प्रमुख संकेतक रहेंगे।

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