तेल की दुनिया में बड़ा उलटफेर,खाड़ी देश बना रहे नए रास्ते, खत्म हो सकती है होर्मुज की अहमियत
तेल की दुनिया में बड़ा उलटफेर,खाड़ी देश बना रहे नए रास्ते, खत्म हो सकती है होर्मुज की अहमियत

21 Oct 2026 |   28



 

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान में तनाव के बीच तेल और गैस की सप्लाई के अहम रास्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी खबर आई है।अगले पांच साल में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहमियत कम हो सकती है,क्योंकि खाड़ी देशों की ओर से तेल पाइपलाइन और सप्लाई के दूसरे रास्तों पर निवेश किया जा रहा है।

एच‌एसबीसी ग्रुप के सीईओ जॉर्जेस एलहेडेरी ने कहा कि...

एच‌एसबीसी ग्रुप के सीईओ जॉर्जेस एलहेडेरी ने कहा कि अगले पांच साल में यह समुद्री रास्ता पहले जितना जरूरी नहीं रह सकता,इसकी वजह खाड़ी देशों की ओर से तेल और गैस की सप्लाई के लिए दूसरे रास्ते तैयार करने पर किया जा रहा निवेश है।दुबई में एचएसबीसी फ्यूचर फोरम कार्यक्रम के दौरान एलहेडेरी ने कहा कि युद्ध के असर को कम करने के लिए खाड़ी क्षेत्र में नए लॉजिस्टिक्स रास्ते विकसित किए जा रहे हैं,इनमें बंदरगाहों तक ऊर्जा पहुंचाने वाली पाइपलाइन भी शामिल हैं।इन निवेशों से आने वाले समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम हो सकती है।

होर्मुज पर दुनिया क्यों है निर्भर

बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक अहम समुद्री रास्ता है।होर्मुज के जरिए पहले दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस कारोबार का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता था।ईरान युद्ध ने इस रास्ते पर दुनिया की भारी निर्भरता को सामने ला दिया है,इसी वजह से खाड़ी देश अब तेल और गैस की सप्लाई के लिए दूसरे विकल्प तैयार करने पर ध्यान दे रहे हैं।

खाड़ी देशों का क्या है नया प्लान

खाड़ी देश बंदरगाहों तक ऊर्जा पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बनाने और दूसरे सप्लाई रास्तों को विकसित करने में निवेश कर रहे हैं।एचएसबीसी सीईओ जॉर्जेस एलहेडेरी ने कहा कि इन योजनाओं से क्षेत्र को युद्ध के असर से उबरने में मदद मिल सकती है।एलहेडेरी ने कहा कि मध्य पूर्व का यह क्षेत्र फिर से विकास की राह पर लौट सकता है और आगे भी बढ़ सकता है. हालांकि, इसके लिए बड़े निवेश की जरूरत होगी।एलहेडेरी ने कहा कि वे संघर्ष का समाधान होने की उम्मीद करते हैं। साथ ही यह भी कहा कि करीब पांच साल में होर्मुज पहले जितना जरूरी नहीं रह सकता।

मध्य पूर्व में 1.4 लाख करोड़ डॉलर नहीं, 1.4 ट्रिलियन डॉलर की योजनाएं

एच‌एसबीसी की सोमवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक मध्य पूर्व,उत्तरी अफ्रीका और तुर्की में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 872 अरब डॉलर के पैकेज पेश किए जा रहे हैं।यह 1.4 ट्रिलियन डॉलर की व्यापक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सूची का हिस्सा है,इसमें ऐसी योजनाएं भी शामिल हैं, जिन्हें अभी मंजूरी नहीं मिली है या जिन पर काम शुरू नहीं हुआ है।

निवेशकों को अब भी आकर्षक लगता है खाड़ी क्षेत्र

एचएसबीसी के हालिया सर्वे में 1,600 से ज्यादा कारोबारी नेताओं और करीब 820 वैश्विक संस्थागत निवेशकों को शामिल किया गया।सर्वे के मुताबिक इन लोगों ने अब भी खाड़ी क्षेत्र को निवेश के लिए आकर्षक माना है।

युद्ध से इस साल अर्थव्यवस्था पर दबाव का अनुमान

विश्व बैंक ने पिछले सप्ताह मध्य पूर्व,उत्तरी अफ्रीका और पाकिस्तान क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान जारी किया था।इसके मुताबिक युद्ध के असर से इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में इस साल 1.3 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। साल 2025 में इस क्षेत्र की आर्थिक वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत रही थी।विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार, 2027 में अर्थव्यवस्था में मजबूत सुधार हो सकता है,हालांकि यह सुधार सभी जगह एक जैसा नहीं होगा।

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