नई दिल्ली।अमेरिकी शेयर बाजार में तबाही ने अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है।न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज में ओपनिंग के साथ ही गिरावट का तूफान मच गया।जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, गिरावट का ग्राफ और नीचे गिरता चला गया।नैस्डैक 1421 प्वाइंट तक क्रैश हुआ,डाउ जोन्स में 1833 अंकों की गिरावट और S&P 500 इंडेक्स -334.89 प्वाइंट गिरकर अमेरिकी बाजार से 2.5 ट्रिलियन डॉलर लूट लिए,जहां अमेरिका और एशियाई बाजार गिर रहे हैं,वहीं भारतीय बाजार में बीते 7 दिनों से तेजी बनी हुई है।
अमेरिकी बाजार में तबाही की वजह
अमेरिकी बाजार का मार्केट वैल्यू एक दिन में 2.5 ट्रिलियन डॉलर यानी करीब 236 लाख करोड़ रुपये से अधिक गिर गया।अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन में डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी की हार का बाजार पर असर दिखा है।हालांकि सबसे बड़ा असर AI कंपनियों के शेयर में आई भारी गिरावट का असर है।
दरअसल मिडटर्म इलेक्शन में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत से निवेशकों को इस बात का डर सता रहा है कि अमेरिका में राजनीतिक बदलाव से नीतियों में सख्ती आएगी।खासकर AI इंडस्ट्री की तेजी पर ब्रेक लग सकता है,नियमों को सख्त किया जा सकता है,इस तरह से निवेशकों के बीच AI शेयरों से बाहर निकलने की होड़ मच गई।अमेरिकी बाजार में हावी बिकवाली में दुनिया की चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया के शेयरों में 9 फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई,फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स 12 फीसदी टूट गया,इंटेल,एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज जैसी बड़ी कंपनियां बुरी तरह से टूट गई।
अमेरिकी बाजार का डर एशियाई बाजारों तक पहुंचा
सिर्फ अमेरिकी बाजार ही नहीं टूटे,इस गिरावट का असर एशियाई बाजार तक पहुंचा।शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली हावी रही।जापान का निक्केई 6 फीसदी तक फिसला,तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8 फीसदी से ज्यादा टूट गया।
बमबम रहा भारत का शेयर बाजार
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है तो वहीं भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने बीते दो दिनों में जबरदस्त तेजी दिखाई है। 6 नवंबर को सेंसेक्स ने 8 महीने बाद 80,000 के आंकड़े को पार किया है।सेंसेक्स 700 अंक की तेजी के साथ 80,000 पर पहुंच गया।हालांकि बाद में थोड़ी गिरावट आई। वहीं निफ्टी 150 अंक की बढ़त के साथ 24,700 के स्तर पर पहुंच गया।बीते 7 दिनों से शेयर बाजार में तेजी बरकरार है। सेंसेक्स 8 फीसदी से अधिक उछल गया है।
भारतीय बाजार में तेजी के पीछे कौन-से फैक्टर्स
अमेरिका,जापान,साउथ कोरिया के बाजार में तबाही है, निवेशकों के लाखों करोड़ों रुपये डूब रहे हैं,भारतीय बाजार बाउंस बैक कर रहा है,इस तेजी में बड़ा रोल विदेशी निवेशकों का है, जिन्होंने वापसी की है।विदेशी निवेशकों ने बीते 7 दिनों में 32,210 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है, वहीं घरेलू निवेशकों के समर्थन से बाजार में तेजी ला दी है।देश की दिग्गज कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों ने बाजार के लिए बूस्टर डोज का काम किया है। LTCG टैक्स में कटौती की उम्मीद ने बाजार का माहौल पॉजिटिव बना हुआ है।कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने बाजार में तेजी को सपोर्ट देने का काम किया है।