राममय हुई अयोध्या:1992 से राम मंदिर की आस में नहीं पहने जूते,अहमदाबाद से नंगे पैर साइकिल चलाकर अयोध्या पहुंचा बुजुर्ग
राममय हुई अयोध्या:1992 से राम मंदिर की आस में नहीं पहने जूते,अहमदाबाद से नंगे पैर साइकिल चलाकर अयोध्या पहुंचा बुजुर्ग

20 Jan 2024 |  66





अयोध्या। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या पूरी तरह से राममय हो गई है।हर तरफ सीताराम और जय हनुमान के जयकारे ही गूंज रहे हैं।लोग जय श्री राम लिखा हुआ वस्त्र धारण किए हुए नजर आ रहे हैं। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले पोस्टर लगाए गए हैं जिनपर शुभ घड़ी आई,तैयार है अयोध्या धाम, विराजेंगे श्री राम और राम फिर लौटेंगे जैसे नारे लिखे हैं। रामनगरी में राम मार्ग, सरयू नदी तट और लता मंगेशकर चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर पोस्टरों पर रामायण के विभिन्न श्लोक भी छापे गए हैं।

बता दें कि गुजरात के अहमदाबाद से साइकिल चलाकर 63 वर्षीय नेमाराम प्रजापति रामनगरी अयोध्या पहुंचे हैं।प्रजापति की साइकिल के सामने एक बोर्ड पर लिखा है कि उनकी अहमदाबाद-अयोध्या यात्रा पिछले साल दो दिसंबर को शुरू हुई और वह इस दौरान राजस्थान के पवित्र स्थलों पर भी गए।
वहीं 47 वर्षीय ओम भगत जो अब खुद को बुद्ध अंकल कहते हैं। वह भी अखिल भारतीय साइकिल यात्रा पर हैं और गुरुवार को अयोध्या पहुंचे।

प्रजापति ने कहा कि मैंने 1992 से जूते नहीं पहने हैं और मेरा संकल्प था कि मैं जूते तभी पहनूंगा जब अयोध्या में राम मंदिर बन जाएगा। मैं प्रभु राम के दर्शन के लिए अहमदाबाद से नंगे पैर साइकिल चलाकर अयोध्या पहुंचा हूं।

ओम भगत ने कहा कि मैंने 20,000 किलोमीटर की दूरी तय की है और अबतक तय किए गए राज्यों में उत्तर प्रदेश मेरा 16वां राज्य है। मुझे सभी 4,000 शहरों, 741 जिलों की यात्रा करनी है। मैं प्राण प्रतिष्ठा के दौरान अयोध्या में रहना चाहता था इसलिए मैंने इसके अनुसार अपनी यात्रा बनाई।

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