ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद राजधानी लखनऊ में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है।रविवार रात पुराने लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा इलाका एक बार फिर गम में डूब गया।रात आठ बजे से ही मुस्लिम समुदाय के लोगों का इमामबाड़ों की ओर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया,ये देर रात तक चलता रहा।रात में दो बजे तक लोग जमा रहे।
हजारों की संख्या में पुरुष,महिलाएं और बच्चे पहले छोटा इमामबाड़ा पहुंचे।फिर वहां से सभी जुलूस की शक्ल में बड़ा इमामबाड़ा परिसर और आसपास के इलाकों में एकत्र हो गए। भीड़ में घटना को लेकर जबरदस्त गुस्सा दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी अमेरिका और इजराइल के खिलाफ लगातार नारेबाजी करते रहे।
इस दौरान मौलाना यासूब अब्बास,टीले वाली मस्जिद के मौलाना फजरुल रहमान,फरीदुल हसन और मौलाना सैफ अब्बास समेत कई धर्मगुरु और सामाजिक हस्तियां मौजूद रहीं।वक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इमामबाड़ा परिसर देर रात तक लोगों की मौजूदगी और नारों से गूंजता रहा।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में शिया समुदाय की ओर से तीन दिन तक शोक और प्रदर्शन का ऐलान किया गया है।एहतियात के तौर पर बड़ा इमामबाड़ा (भूलभुलैया) और छोटा इमामबाड़ा तीन मार्च तक पर्यटकों के लिए बंद रहेगा।तीन मार्च के बाद दोनों इमामबाड़े पर्यटकों के लिए खोल दिए जाएंगे।