दिल्ली की महिलाओं की बल्ले-बल्ले,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 4 योजनाओं का किया शुभारंभ
दिल्ली की महिलाओं की बल्ले-बल्ले,राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 4 योजनाओं का किया शुभारंभ

03 Mar 2026 |   29



 

नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विकास की दिशा में सोमवार का दिन नारी शक्ति के सशक्तिकरण के एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हुआ।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित सशक्त नारी,समृद्ध दिल्ली भव्य कार्यक्रम में दिल्ली की महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रेखा गुप्ता सरकार की महिला सशक्तिकरण से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल,दिल्ली लखपति बिटिया योजना,होली एवं दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर योजना और सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड का औपचारिक शुभारंभ किया।साथ ही लाडली योजना के अंतर्गत 40,642 बालिका लाभार्थियों के खातों में 100 करोड़ रुपये से अधिक राशि भी डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की।इस अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना,केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा,मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता,कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉक्टर पंकज कुमार सिंह सहित हजारों की संख्या में लाभार्थी महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित थीं।

दिल्ली की महिलाओं के लिए विशेष हैं ये 4 योजनाएं

1. पिंक कार्ड की शुरुआत

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली की महिलाओं के लिए नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) यानी पिंक कार्ड की भी शुरुआत की।यह पिंक कार्ड दिल्ली की पात्र महिला निवासियों को डीटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देगा,जबकि मेट्रो,आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में इसी एक स्मार्ट कार्ड के माध्यम से सशुल्क यात्रा की जा सकेगी।योजना के तहत तीन प्रकार के कार्ड जारी होंगे।पिंक कार्ड महिलाओं के लिए,ब्लू कार्ड सामान्य यात्रियों के लिए और ऑरेंज कार्ड मासिक पास धारकों के लिए।पहले चरण में पिंक और ब्लू कार्ड लॉन्च किए जाएंगे।

कार्ड जारी करने के लिए डीटीसी ने हिंडन मर्केंटाइल लिमिटेड (मुफिनपे) और एयरटेल पेमेंट्स बैंक लिमिटेड को अधिकृत किया है।यह कार्ड ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम से एकीकृत होगा और पिंक कार्ड पूरी तरह निःशुल्क दिया जाएगा,जिसकी लागत दिल्ली सरकार वहन करेगी। कार्ड वितरण के लिए लगभग 50 केंद्र स्थापित किए जाएंगे,जिनमें डीएम और एसडीएम कार्यालयों के साथ डीटीसी के चयनित केंद्र शामिल होंगे।प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होगी।पिंक कार्ड लाभार्थी के आधार और मोबाइल नंबर से लिंक किया जाएगा, जिससे आयु,लिंग और दिल्ली निवास की पुष्टि कर पात्रता सुनिश्चित की जा सके और डुप्लिकेशन रोका जा सके।

2. दिल्ली लखपति बिटिया योजना का शुभारंभ

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को दिल्ली लखपति बिटिया योजना का भी शुभारंभ किया।यह योजना पहले की लाडली योजना की जगह लाई गई है,लेकिन इसे ज्यादा आधुनिक, डिजिटल और प्रोत्साहन आधारित रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत हर पात्र बालिका के नाम अलग-अलग चरणों में कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे।

यदि बालिका स्नातक या व्यावसायिक डिप्लोमा जैसी निर्धारित शर्तें पूरी करती है तो 21 वर्ष की आयु तक यह राशि ब्याज सहित बढ़कर एक लाख रुपये से अधिक हो जाएगी। योजना को पूरी तरह डिजिटल और फेसलेस व्यवस्था के तहत लागू किया जाएगा। इसके लिए एंड-टू-एंड ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। योजना का वित्तीय प्रबंधन एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड द्वारा ‘एसबीआई लाइफ धनराशि साधन’ के माध्यम से सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से किया जाएगा।

3. लाडली बिटियों को मिला मेरी पूंजी मेरा अधिकार

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने दिल्ली लाडली योजना के तहत 40,642 पात्र लाभार्थियों को 100.25 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी की।रेखा गुप्ता सरकार ने यह राशि मेरी पूंजी मेरा अधिकार के तहत प्रदान की।साल 2008 में शुरू की गई दिल्ली लाडली योजना का उद्देश्य बालिका के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहित करना और शिक्षा के महत्वपूर्ण पड़ावों पर संरचित वित्तीय सहायता के माध्यम से लैंगिक असमानताओं को दूर करना था।परिपक्वता राशि,अर्जित ब्याज सहित, डीबीटी माध्यम से सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर की गई,जिससे पारदर्शिता, दक्षता और लाभार्थियों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित होगी।

4. होली पर 853 रुपये की पहली किस्त सीधे खाते में

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने होली और दिवाली के अवसर पर दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों के लिए साल में दो मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने की योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत होली के अवसर पर राशन कार्ड धारक परिवारों को एक एलपीजी सिलेंडर की कीमत 853 रुपये सीधे उनके परिवार के मुखिया के खाते में डीबीटी के माध्यम से परिवार के मुखिया के खाते में हस्तांतरित किए गए। योजना के अनुसार वर्ष 2026 से दिल्ली के सभी राशन कार्ड धारक परिवारों को प्रतिवर्ष दो एलपीजी सिलेंडर की कीमत के बराबर आर्थिक सहायता दी जाएगी।यह सहायता साल में दो बार,होली और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के अवसर पर प्रदान की जाएगी ताकि त्योहारों के समय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव न पड़े और वे सम्मानपूर्वक उत्सव मना सकें।सहायता राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से परिवार के मुखिया के आधार-सीडेड बैंक खाते में सीधे हस्तांतरित की जाएगी,जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 242.77 करोड़ रुपये होगा।

राष्ट्रपति ने महान महिलाओं को स्मरण किया

इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि मेरी पूंजी,मेरा अधिकार,सहेली स्मार्ट कार्ड और दिल्ली लखपति बिटिया जैसी योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि ये सभी कल्याणकारी योजनाएं दिल्ली की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समृद्ध दिल्ली के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।राष्ट्रपति ने भारतीय परंपरा में नारी को शक्ति,ज्ञान और समृद्धि के रूप में पूजनीय बताते हुए लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर,रानी लक्ष्मीबाई,सावित्रीबाई फुले,रानी गाइडिनल्यू और सरोजिनी नायडू जैसी महान महिलाओं के योगदान को स्मरण किया।राष्ट्रपति ने कहा कि आज महिलाएं सेना,विज्ञान,खेल,राजनीति,प्रशासन और व्यापार सहित हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं, लेकिन इसके साथ ही उन्हें हिंसा,आर्थिक असमानता, सामाजिक उपेक्षा और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है, जिन्हें दूर करना आवश्यक है।

महिला सशक्तिकरण समाज का कर्तव्य है

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण तब संभव है जब महिलाओं को स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता, आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का अवसर,समान अधिकार,सुरक्षा और शिक्षा प्राप्त हो।बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ,प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना,प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और मातृत्व संबंधी योजनाओं जैसी केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इन पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।साथ ही पंचायती राज संस्थाओं और नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाकर वुमेन-लेड डेवलपमेंट की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बेटियों को शिक्षित करना,उनका आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें सुरक्षित वातावरण देना आवश्यक है,ताकि वे बिना भय और दबाव के अपने जीवन के निर्णय स्वयं ले सकें।साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि आधी आबादी के सशक्त हुए बिना यह लक्ष्य प्राप्त नहीं किया जा सकता।स्त्री और पुरुष को जीवन रूपी रथ के दो पहिए बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों के समान रूप से सशक्त होने पर ही राष्ट्र प्रगति कर सकता है।

दिल्ली सरकार की ये पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विशेष रूप से दिल्ली को देश की राजधानी होने के नाते वुमेन-लेड डेवलपमेंट का आदर्श प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि यदि यहां की महिलाएं सुरक्षित,शिक्षित और आत्मनिर्भर होंगी तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे देश पर पड़ेगा। राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी दिल्लीवासियों से महिला सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने, बेटियों को समान अवसर प्रदान करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने विश्वास व्यक्त किया कि रेखा गुप्ता सरकार की यह पहल महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाएगी और उन्हें जीवन में नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी।

महिलाओं के साथ परिवार भी सशक्त होंगे

इस अवसर पर उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि यह कार्यक्रम दिल्ली में महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है।आज शुरू की गई इन योजनाओं का सीधा लाभ राजधानी की लाखों महिलाओं को मिलेगा।आज शुरू की गई पहलों से न केवल महिलाएं,बल्कि उनके परिवार भी सशक्त होंगे।एलजी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण आवश्यक है और दिल्ली लखपति बिटिया योजना इसका सशक्त उदाहरण है।इस योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने दिल्ली सरकार को बधाई दी और इसे बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की आधारशिला बताया।

सशक्तिकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं,इसमें समान अवसर,सुरक्षा,सम्मान और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण

एलजी वीके सक्सेना ने कहा कि सशक्तिकरण केवल आर्थिक मजबूती तक सीमित नहीं है,बल्कि इसमें समान अवसर, सुरक्षा,सम्मान और सामुदायिक सहभागिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। एलजी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी होने के नाते दिल्ली की जिम्मेदारी है कि वह पूरे देश के लिए एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करे।एलजी ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और प्रेरणा से समावेशी एवं न्यायपूर्ण विकास के लक्ष्य को और सुदृढ़ किया जा सकेगा और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में दिल्ली निरंतर प्रगति करती रहेगी।

दिल्ली के इतिहास का ऐतिहासिक क्षण

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह केवल योजनाओं का शुभारंभ नहीं,बल्कि नारी सम्मान, आत्मनिर्भरता और विश्वास के विस्तार का सशक्त संकल्प है। सीएम रेखा ने कहा कि जब बेटी सशक्त होती है तो परिवार सशक्त होता है,जब महिला आत्मनिर्भर बनती है तो समाज आत्मविश्वासी बनता है और जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है तो विकसित दिल्ली का मार्ग और स्पष्ट हो जाता है। सीएम रेखा ने कहा कि यह दिन दिल्ली के इतिहास में ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज होगा,क्योंकि यह मंच बेटी के जन्म से लेकर उसे आत्मनिर्भर बनाने तक की पूरी यात्रा को सम्मान देने का पर्व है।

संघर्ष,सादगी और संदेश देता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती 

देश की करोड़ों बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि उनका संघर्ष,सादगी और साहस यह संदेश देता है कि सपनों की कोई सीमा नहीं होती।सीएम रेखा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा दिए गए नारी शक्ति वंदन के मंत्र से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार ने महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ठोस कदम उठाए हैं और आज समर्पित की गई चारों योजनाओं का मूल उद्देश्य नारी की गरिमा,आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान सुनिश्चित करना है।

लाडली योजना की राशि को लाभार्थी बेटियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया

सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि मेरी पूंजी,मेरा अधिकार के अंतर्गत लंबे समय से लंबित लाडली योजना की राशि को लाभार्थी बेटियों तक पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। पहले चरण में लगभग 30,000 बालिकाओं को 90 करोड़ रुपये डीबीटी किए गए और आज माननीय राष्ट्रपति की उपस्थिति में 40,000 से अधिक बेटियों के खातों में 100 करोड़ रुपये की राशि सीधे भेजी गई। सीएम रेखा ने कहा कि पुरानी व्यवस्था में लाभार्थियों को अपने बकाया का पता ही नहीं चलता था, इसलिए नई लखपति बिटिया योजना को अधिक मजबूत,भविष्य उन्मुख,पूर्णतः डिजिटल और फेसलेस प्रणाली के साथ लागू किया गया है। सीएम रेखा ने बताया कि योजना के अंतर्गत जन्म से लेकर स्नातक तक चरणबद्ध तरीके से कुल 61,000 रुपये सरकार द्वारा जमा किए जाएंगे, जो ब्याज सहित परिपक्व होकर लगभग सवा लाख रुपये हो जाएंगे। इस योजना के लिए बजट में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही, चाइल्ड केयर संस्थानों में रह रही बालिकाओं को भी इसमें शामिल कर सरकार उनकी अभिभावक की भूमिका निभाएगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य दिल्ली की कोई भी बेटी शिक्षा से वंचित न रहे और ड्रॉपआउट शब्द समाप्त हो।

 सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड की चर्चा

महिलाओं की सुरक्षित और सम्मानजनक आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड को केवल यात्रा सुविधा नहीं,बल्कि डिग्निटी कार्ड बताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह माननीय प्रधानमंत्री जी के वन नेशन, वन कार्ड विजन के अनुरूप है और डीटीसी बसों के साथ अन्य सार्वजनिक परिवहन माध्यमों में भी उपयोगी होगा। सीएम रेखा ने कहा कि इससे महिलाओं को स्वतंत्रता,सुरक्षा और रोजगार और शिक्षा के अवसरों तक सुगम पहुंच मिलेगी।साथ ही व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।

रसोई में भी सम्मान,होली दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर 

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि रसोई में भी सम्मान और राहत सुनिश्चित करने के लिए होली और दिवाली पर निःशुल्क गैस सिलेंडर देने के वादे को पूरा करते हुए आज ही पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि डीबीटी की गई,जिससे महिलाओं को आर्थिक सहारा मिलेगा। सीएम रेखा ने कहा कि योजना के तहत लगभग 130 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के खातों में भेजी गई है।महिला सशक्तिकरण को जन्म से सुरक्षा, शिक्षा में निवेश,यात्रा में स्वतंत्रता और घरेलू जीवन में राहत के समग्र ढांचे के रूप में बताते हुए सीएम रेखा ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण अब केवल नीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संकल्प बन चुका है। विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की कार्यबल, इनोवेशन और आर्थिक गतिविधियों में समान भागीदारी आवश्यक है।

पंचायत से संसद तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा 

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि आज पंचायत से संसद तक महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ रहा है और दिल्ली की बेटियां उत्कृष्टता को नई परिभाषा दे रही हैं।सीएम रेखा ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही सशक्त नारी से समृद्ध दिल्ली और समृद्ध दिल्ली से विकसित भारत का मार्ग प्रशस्त होगा। सीएम रेखा ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली की शुभकामनाएं देते हुए दिल्ली की सभी माताओं,बहनों और बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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