दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ से बचाव के लिए तैयारी,रिंग रोड के किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी दीवार
दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ से बचाव के लिए तैयारी,रिंग रोड के किनारे बनेगी 4.7 किमी लंबी दीवार

09 Mar 2026 |   22



 

नई दिल्ली।बारिश के दिनों में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ जाता है,जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ का पानी पहुंचने का खतरा रहता है।साल 2023 में यमुना में बाढ़ आने से आइटीओ और सिविल लाइन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पानी भर गया था।
कई दिनों तक जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।साल 2025 में भी मजनू का टीला और बेला रोड क्षेत्र में रहने वाले लोगों को कई दिनों तक परेशानी का सामना करना पड़ा था।इसके समाधान के लिए मजनू का टीला से लेकर कश्मीरी गेट के नजदीक लोहा पुल तक रिंग रोड के किनारे बाढ़ रोधी दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है।

बाढ़ नियंत्रण के लिए उठाए जा रहे कदम

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा का कहना है कि बाढ़ नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस कारण पिछले वर्ष यमुना का जलस्तर 207.88 मीटर तक पहुंचने के बाद भी अधिक समस्या नहीं हुई थी।नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद परेशानी न हो इसे ध्यान में रखकर दीवार बनाने का निर्णय लिया गया है।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ये बताया 

सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 50 करोड़ रुपये की लागत से दीवार का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए निविदा जारी कर दी गई है। दीवार की ऊंचाई लगभग 4.72 किलोमीटर होगी।इसमें से लगभग 850 मीटर अधिक संवेदनशील क्षेत्र में कंक्रीट की दीवार बनेगी।शेष हिस्से में ईंट या पत्थर की होगी। इसकी ऊंचाई लगभग छह फीट होगी। इस दीवार के बनने से यमुना का पानी रिंग रोड व इसके पास के आवासीय क्षेत्र व बाजार में नहीं पहुंचेगा।

बिना पानी छोड़े भी बढ़ जाता है यमुना का जलस्तर

बता दें कि यमुना की तलहटी में जम रही गाद और डूब क्षेत्र में अतिक्रमण से हरियाणा के हथनी कुंड बैराज से पहले की तुलना में कम पानी छोड़े जाने के बाद भी दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ जाता है।हथनी कुंड से सितंबर 1978 में आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था और दिल्ली में लोहा पुल के पास यमुना का जलस्तर 207.49 मीटर पहुंचा था। वहीं पिछले साल 3.29 क्यूसेक पानी छोड़ने से जलस्तर 207.88 मीटर तक पहुंच गया था।इससे स्पष्ट है कि 1978 की तुलना में यमुना की जलधारण क्षमता मात्र 50 प्रतिशत रह गई है। दिल्ली में नदी की सफाई के लिए आधुनिक मशीन खरीदी जा रही है।

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