नई दिल्ली।मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट की आहट दे दी है।अमेरिका,इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग का असर वैश्विक तेल और गैस सप्लाई चेन पर पड़ता हुआ दिख रहा है।जंग से इम्पोर्टेड गैस सप्लाई में रुकावटों के बीच आपूर्ति की समस्या अब देश में भी महसूस होने लगी है।ऐसे में राजधानी दिल्ली के कई हिस्सों में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलिंडर की किल्लत सामने आ रही है,जिससे गैस एजेंसियों के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।सप्लाई में देरी और सीमित उपलब्धता से कई जगहों पर सिलेंडर की डिलीवरी प्रभावित हो रही है।इसने आम लोगों की समस्या और परेशानियां दोनों बढ़ा दी है।इस मामले पर सियासत भी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने गैस की कमी के लिए मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। केजरीवाल ने मोदी सरकार पर देश के हितों से समझौता करने का आरोप लगाया।
पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।इस दौरान केजरीवाल ने एलपीजी गैस संकट को लेकर मोदी सरकार पर जोरदार हमला बोला।केजरीवाल ने कहा, मोदी जी ने भारत को एक गंभीर संकट में डाल दिया है।ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र पूरी तरह डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रहे हैं।हालात ऐसे दिख रहे हैं मानो भारत जैसे महान देश को अमेरिका का उपनिवेश बना दिया गया हो।
केजरीवाल ने कहा कि आज स्थिति यह है कि हमारे प्रधानमंत्री को कमजोर बताया जा रहा है और उन्हें ब्लैकमेल किए जाने की बातें सामने आ रही हैं। यहां तक कि अमेरिका के छोटे-छोटे अधिकारी भी भारत के प्रधानमंत्री का मजाक उड़ा रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पूरे देश में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत हो गई है।देश में एलपीजी का उत्पादन लगभग 50 फीसदी तक घट चुका है,एलपीजी पर निर्भर कई उद्योगों की फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं,जिसकी वजह से लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने आदेश जारी किया है कि रेस्टोरेंट और होटल को एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे।इस फैसले के कारण देश के बड़े शहरों में कई रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।इस समय देशभर में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है और अगर यही हालात रहे तो लोगों को अपनी शादियां तक टालनी पड़ सकती हैं।