दिल्ली से 4 रूट पर चलेंगी बुलेट ट्रेन,लखनऊ-वाराणसी,पटना,जयपुर,अमृतसर-चंडीगढ़ तक हाई स्पीड रेल का प्लान
दिल्ली से 4 रूट पर चलेंगी बुलेट ट्रेन,लखनऊ-वाराणसी,पटना,जयपुर,अमृतसर-चंडीगढ़ तक हाई स्पीड रेल का प्लान

09 Jul 2026 |   32



 

नई दिल्ली।मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद अब दिल्ली एनसीआर में बुलेट ट्रेन का काम जोर पकड़ सकता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को बुलेट ट्रेन का हब बनाने की तैयारी है,यहां से चार हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जा सकता है। दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन इसमें प्राथमिकता में है। दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट तो केंद्र सरकार के उन सात कॉरिडोर में से एक है,जिसकी घोषणा आम बजट में भी की गई थी।इन सात रूट पर प्राथमिकता के आधार काम आगे बढ़ेगा और इसमें 2 लाख करोड़ रुपये खर्च का अनुमान है। आने वाले समय में दिल्ली से जयपुर,अमृतसर रूट पर भी फिजिबिलटी रिपोर्ट के बाद फैसला हो सकता है।

 दिल्ली,लखनऊ वाराणसी रेल कॉरिडोर 

दिल्ली-लखनऊ-वाराणसी रेल कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के लिए सबसे बड़ा वरदान बनेगा।यह नोएडा,आगरा,मथुरा,इटावा, वाराणसी जैसे शहर बुलेट ट्रेन रूट से जुड़ेंगे।लखनऊ से अयोध्या तक लिंक रूट भी होगा,इससे यूपी के बड़े धार्मिक, राजनीतिक और औद्योगिक शहरों को जोड़ा जाएगा इस रूट पर बुलेट ट्रेन की स्पीड 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।बुलेट ट्रेन रूट की लंबाई 813 से 865 किलोमीटर,13 से 15 स्टेशन प्रस्तावित इस रूट पर,दिल्ली से लखनऊ मात्र 2 घंटे 10 मिनट,दिल्ली से वाराणसी सिर्फ 3 घंटे 50 मिनट।

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन रूट

नेशनल हाई स्पीड रेल कारपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के प्रस्ताव के अनुसार दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन,नोएडा,जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट,मथुरा,आगरा,फिरोजाबाद,इटावा, कन्नौज,लखनऊ,रायबरेली,प्रयागराज, न्यू भदोही और वाराणसी इसके प्रस्तावित स्टेशन हैं।लखनऊ से अयोध्या को जोड़ने के लिए एक 124 से 135 किलोमीटर लंबा अलग लिंक रूट भी बनेगा।नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने इसके सिविल स्ट्रक्चर डिजाइन के लिए टेंडर भी जारी किए हैं।

दिल्ली वाराणसी सिलीगुड़ी कॉरिडोर

दिल्ली-वाराणसी-सिलिगुड़ी बुलेट ट्रेन देश की सबसे लंबी बुलेट ट्रेन होगी।एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का आगे सिलिगुड़ी तक विस्तार होगा,ये दिल्ली, नोएडा और लखनऊ जैसे उत्तर भारत के शहरों को सीधे पूर्वोत्तर से जोड़ेगी।सिलिगुड़ी से आगे इसे असम के गुवाहाटी तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। दिल्ली से शुरू यह रूट उत्तर प्रदेश के नोएडा,मथुरा,आगरा,लखनऊ,वाराणसी से होते हुए बिहार की राजधानी पटना बक्सर,पटना,बेगुसराय,खगड़िया, कटिहार और न्यू जलपाईगुड़ी (सिलीगुड़ी) स्टेशन हो सकते हैं। रेल मंत्रालय इस लंबे रूट के लिए सर्वे और फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करा रहा है।लंबाई: लगभग 1705 किलोमीटर,दिल्ली से सिलीगुड़ी 20 घंटे की जगह 6 घंटे में,7 स्टेशन वाराणसी से सिलिगुड़ी के बीच।

दिल्ली जयपुर उदयपुर अहमदाबाद कॉरिडोर

दिल्ली-जयपुर-उदयपुर-अहमदाबाद कॉरिडोर दिल्ली को राजस्थान और गुजरात से जोड़ेगा।दिल्ली को गुजरात और राजस्थान के पर्यटन शहरों तक आवाजाही आसान होगी,ये मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन से जुड़ेगा तो दिल्ली से सीधे मुंबई तक की बुलेट ट्रेन कनेक्टिविटी मिल जाएगी।दिल्ली (द्वारका, बिजवासन),गुरुग्राम,मानेसर,रेवाड़ी,बहरोड़ (नीमराना), शाहपुरा,जयपुर,अजमेर (किशनगढ़),बिजयनगर,भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़,उदयपुर,डूंगरपुर,हिम्मतनगर और साबरमती अहमदाबाद जैसे स्टेशन प्रस्तावित हैं।इस रूट की डीपीआर को पहले ही तैयार कर आगे बढ़ाया जा चुका है,लेकिन अभी बजट को लेकर संबंधित सरकारों और केंद्र सरकारों की हरी झंडी मिलना बाकी है।लंबाई: लगभग 886 किलोमीटर,3 राजधानियों को जोड़ेगा ये रूट,14-15 स्टेशनों का प्रस्ताव।

दिल्ली-अमृतसर-जम्मू कॉरिडोर

दिल्ली से शुरू होकर यह ट्रेन रोहतक,जींद,कैथल,चंडीगढ़ में मोहाली,लुधियाना,जालंधर और अमृतसर जाएगी।भविष्य में जालंधर से एक रूट पठानकोट होते हुए सीधे जम्मू और कटरा (माता वैष्णो देवी) तक विस्तार दिया जा सकता है। यह प्रोजेक्ट फिलहाल शुरुआती सर्वे और रूट एलाइनमेंट तैयार करने के प्रारंभिक चरण में है।दिल्ली (द्वारका मेगा टर्मिनल), रोहतक,जींद,कैथल,चंडीगढ़, मोहाली,लुधियाना, जालंधर, अमृतसर,पठानकोट,जम्मू और कटरा (वैष्णो देवी) में स्टेशन बनाए जा सकते हैं।लंबाई लगभग 450 से 500 किलोमीटर,दिल्ली से अमृतसर का सफर सिर्फ 2 घंटे में,10 से 12 स्टेशन बनाए जाएंगे।

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट कब शुरू होगा

भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई-अहमदाबाद का पहला फेज सूरत से बिलिमोरा तक 2027 में शुरू होना है,जबकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का पूरा रूट 2029 तक प्रारंभ होने का लक्ष्य है।दिल्ली के चारों रूट पर अभी जमीनी स्तर पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है,क्योंकि ये अभी कागज़ी मंजूरी, डिजाइनिंग और सर्वे के अलग-अलग चरणों में हैं। सरकार की योजना प्रति वर्ष करीब 250 किलोमीटर बुलेट ट्रेन ट्रैक तैयार करने की है।भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन B35 भी बनाई जा रही है,जिसके ट्रायल की जल्द उम्मीद है।

समुद्र के नीचे बनेगी बुलेट ट्रेन की सुरंग

रेलवे ने खराब मौसम के कारण मुंबई में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए सुरंग खोदने का अधिकारियों से तुरंत शुरू करने को कहा है।रेल मंत्री ने मुंबई में भारी बारिश के कारण अपना दौरा रद्द कर दिया है।नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड से कहा गया है कि वो प्रोजेक्ट में देरी न करें।अधिकारियों ने बताया कि मुंबई अहमदाबाद बुलेट ट्रेन को समय पर पूरा करने और शुरू करने के लिए TBM का इस्तेमाल किया जाएगा।मार्च 2026 में चीन से समुद्री रास्ते से दो टनल बोरिंग मशीनें मंगाई गई थीं,ये दोनों मशीनें जर्मनी में बनी हैं और अफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की हैं।यह कंपनी 20.37 किलोमीटर लंबी सुरंग बना रही है,जिसमें 7 किलोमीटर का हिस्सा समुद्र के नीचे होगा,यह सुरंग जमीन के लेवल से 65 मीटर नीचे होगी।

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