सीएम योगी ने गुरु पूर्णिमा पर किया बड़ा ऐलान,भदोही फिर बनेगा संत रविदास नगर,सपा पर बोला बड़ा हमला
सीएम योगी ने गुरु पूर्णिमा पर किया बड़ा ऐलान,भदोही फिर बनेगा संत रविदास नगर,सपा पर बोला बड़ा हमला

29 Jul 2026 |   22



 

वाराणसी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आध्यात्मिक नगरी काशी में गुरु पूर्णिमा पर संत गुरु रविदास को नमन किया।सीएम ने इस ‍अवसर पर बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि भदोही जिले का नाम एक बार फिर संत रविदास नगर किया जाएगा।संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर राज्य सरकार यह फैसला लागू करेगी। 

काशी में भारतीय जनता पार्टी के समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। सीएम ने कहा कि सपा सरकार ने संत रविदास के नाम पर बने जिले का नाम बदलकर पाप किया था,अब राज्य सरकार उसे फिर से संत रविदास नगर के नाम से पहचान दिलाएगी।

सीएम योगी ने कहा कि जो लोग समाज को जोड़ने का काम करते हैं,वो अपने सार्वजनिक संस्थानों और स्थानों का नाम महान संतों और महापुरुषों के नाम पर रखते हैं। सीएम ने कहा कि जो समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, उनके आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं,ऐसे लोग समाज को एकजुट करने वाले महापुरुषों का सम्मान नहीं कर सकते।

 सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर बने कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम भी बदल दिया था। सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने फिर से उस मेडिकल कॉलेज का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के नाम पर कर दिया।

सीएम योगी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसलों का भी उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत रविदास जी के नाम पर रखा, जबकि अयोध्या एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि जी के नाम पर रखा गया। सीएम ने कहा कि यह सरकार की उस सोच को दर्शाता है, जिसमें समाज को जोड़ने वाले महापुरुषों को सम्मान दिया जाता है।

सीएम योगी ने कहा कि गुरु परंपरा भारत की सनातन संस्कृति की आत्मा है।संत रामानंद की परंपरा से लेकर संत रविदास तक,संतों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक अध्यात्म, सेवा और समानता का संदेश पहुंचाया। सीएम ने मंच पर उपस्थित संतों का अभिनंदन करते हुए विशेष रूप से संत निरंजन दास महाराज का स्वागत किया और कहा कि उनका जीवन संत रविदास जी की शिक्षाओं के प्रचार-प्रसार को समर्पित है।

सीएम योगी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। सीएम ने कहा कि संत रविदास जी,महर्षि वाल्मीकि डाॅ.. भीमराव आंबेडकर और सामाजिक न्याय से जुड़े महापुरुषों की प्रतिमाएं सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित की जाएंगी। जहां संत रविदास जी से जुड़े स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और बाउंड्री वाल नहीं है, वहां राज्य सरकार अपने खर्च पर निर्माण कराएगी और इसके लिए धनराशि की व्यवस्था भी कर दी गई है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इसी भावना के अनुरूप वर्ष 2020 से लगातार 81 करोड़ गरीबों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध कराने का कार्य किया है।यह संत रविदास जी के समतामूलक समाज के स्वप्न को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। सीएम ने कहा कि काशी की पावन धरती पर संत रविदास जी ने भक्ति, श्रम और मानवता का संदेश दिया। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा की यह नगरी सदियों से संत परंपरा की धरोहर रही है और यहां से निकला समरसता का संदेश संपूर्ण मानवता के लिए प्रेरणा है।

बता दें कि भदोही का नाम बदलने का मुद्दा लंबे समय से सियासी चर्चा का विषय रहा है।साल 2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव सरकार ने मायावती सरकार के समय बदले या बनाए गए आठ जिलों के नाम फिर से पुराने नामों में बदल दिए थे।इस फैसले पर 23 जुलाई 2012 को राज्य कैबिनेट ने मुहर लगाई थी।मायावती सरकार ने इन जिलों का नाम दलित महापुरुषों के सम्मान में रखा था,इनमें कांशीराम नगर,छत्रपति शाहूजी महाराज नगर,रमाबाई नगर,भीम नगर, प्रबुद्ध नगर,पंचशील नगर,ज्योतिबा फुले नगर और महामाया नगर शामिल थे,इसके बाद अखिलेश यादव सरकार ने कांशीराम नगर का नाम कासगंज, छत्रपति शाहूजी महाराज नगर का नाम पहले गौरीगंज और बाद में अमेठी, रमाबाई नगर का नाम कानपुर देहात,भीम नगर का नाम संभल,प्रबुद्ध नगर का नाम शामली,पंचशील नगर का नाम हापुड़,ज्योतिबा फुले नगर का नाम अमरोहा और महामाया नगर का नाम हाथरस कर दिया था।

बता दें कि उस समय मायावती ने इस फैसले को दलित महापुरुषों का अपमान बताया था।वहीं समाजवादी पार्टी सरकार का तर्क था कि जिलों को उनकी पुरानी और आम पहचान वाले नामों से फिर से जोड़ा जा रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब इसी मुद्दे को फिर से उठाते हुए कहा कि उनकी सरकार समाज सुधारकों,संतों और महापुरुषों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। सीएम ने कहा कि संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भदोही का नाम फिर से संत रविदास नगर किया जाएगा और सरकार इस काम को पूरा करेगी। सीएम के इस ऐलान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जिलों के नाम और महापुरुषों के सम्मान का मुद्दा चर्चा में आ गया है।

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