माफियाओं के परिवार के खिलाफ ऐक्शन में यूपी पुलिस,अतीक के बाद मुख्तार की पत्नी पर कसा शिकंजा
माफियाओं के परिवार के खिलाफ ऐक्शन में यूपी पुलिस,अतीक के बाद मुख्तार की पत्नी पर कसा शिकंजा

24 Jul 2026 |   31



 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में माफियाओं के परिवार के खिलाफ यूपी पुलिस ऐक्शन में आ गई है। प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद,उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन और भाई अशरफ पर गैंगस्टर एक्ट के तहत लगभग 345 करोड़ रुपये की 18 चल और अचल संपत्तियां जब्त करने के बाद गाजीपुर में दिवंगत माफिया मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां पर केस दर्ज किया गया है।शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां गायब होने के मामले में पुलिस ने आफ्शां अंसारी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन और मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी दोनों ने लंबे समय से फरारी काट रही हैं।

गाजीपुर में माफिया मुख्तार अंसारी के गैंग ईएस-191 के सदस्यों और उनके सहयोगियों को जारी शस्त्र लाइसेंसों की जांच में लगातार गड़बड़ियां सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।जांच के दौरान सामने आया कि गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शां अंसारी के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस संख्या 1054/पी-11 से संबंधित लाइसेंस और क्रय-विक्रय की पत्रावलियां कथित रूप से लाइसेंसधारक और संबंधित शस्त्र लिपिकों की मिलीभगत और साजिश के तहत अभिलेखागार से गायब करा दी गईं हैं।

इस लाइसेंस पर खरीदे गए एनपीबी रिवॉल्वर संख्या एबीएम 4299 की वर्तमान स्थिति भी नहीं पता चल पा रही है। इस मामले में आफ्शां अंसारी, तत्कालीन पटल सहायक प्रथम बृजनारायण राम और तत्कालीन पटल सहायक द्वितीय भीष्म सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 0540/2026 के तहत बीएनएस की धारा 409, 120बी, 419 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 21/25/30 में कार्रवाई की गई है। एएसपी सिटी डॉ. राकेश मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान आफ्शां बेगम के नाम जारी शस्त्र लाइसेंस से संबंधित पत्रावलियां गायब मिलीं। इसी आधार पर कार्रवाई की गई है।

हथियारों की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल पत्रावलियां अभिलेखागार से गायब होने का मामला जांच के बाद सामने आया है। इससे पहले बुधवार को आईएस-191 गैंग के सरगना मुख्तार अंसारी के बड़े भाई और गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी समेत तत्कालीन दो शस्त्र लिपिकों के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था।

अपर पुलिस अधीक्षक नगर और ग्रामीण के नेतृत्व में गठित टीमों ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा दिल्ली, पंजाब और अरुणाचल प्रदेश में जाकर डीएम कार्यालयों और लाइसेंसी दुकानों के अभिलेखों की जांच की थी। जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्यों को जारी 51 शस्त्र लाइसेंसों पर 145 हथियारों की खरीद-बिक्री हुई थी। सत्यापन के दौरान कई पत्रावलियां और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेज अभिलेखागार में नहीं मिले। कुछ हथियारों की वर्तमान स्थिति का भी पता नहीं चल सका।

प्रयागराज समेत कई जिलों में माफिया अतीक अहमद की पत्नी और गैंग से जुड़े लोगों पर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रयागराज,कौशाम्बी और लखनऊ में स्थित मकान, व्यावसायिक एवं आवासीय भूखंड, कृषि भूमि, बैंक खातों में जमा धनराशि तथा वाहन जब्त किए गए हैं।दस्तावेजों के मुताबिक प्रयागराज के चकिया, करेली, झूंसी, धूमनगंज, कसारी मसारी, देवघाट, सरेयां, रहीमाबाद, अकबरपुर मिर्जापुर और होलागढ़ समेत कई क्षेत्रों की संपत्तियां कार्रवाई के दायरे में आई हैं। कौशांबी और लखनऊ के गोमतीनगर और शेखपुर स्थित अचल संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों के 13 खातों में जमा धनराशि को भी सीज किया गया है।

माफिया अतीक अहमद की एक कृषि भूमि सबसे मूल्यवान संपत्ति के रूप में सामने आई है। दस्तावेजों के मुताबिक होलागढ़ स्थित कृषि भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य 123.28 करोड़ रुपये आंका गया है, जो सूचीबद्ध सभी संपत्तियों में सबसे अधिक है।

More news