जंगल का गोल्ड है ये सब्जी,कीमत 1000-2000 रुपए किलो, दिन-रात बीनते है तस्कर,हिरण-जंगली सूअर का प्रोटीन फूड
जंगल का गोल्ड है ये सब्जी,कीमत 1000-2000 रुपए किलो, दिन-रात बीनते है तस्कर,हिरण-जंगली सूअर का प्रोटीन फूड

22 Jul 2026 |   18



 

लखीमपुर खीरी।उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के जंगलों में एक अनोखी सब्जी पाई जाती है,इसके लिए तस्कर पागलों की तरह जंगल की खाक छानते हैं।इस अनोखी सब्जी का नाम धरती फूल और कटरुआ है।हिरण,जंगली सूअर समेत कई तरह के जंगली जानवरों को ये सब्जी बहुत पसंद है,इसे जंगली जानवरों का प्रोटीन फूड भी कहा जाता है।इसको जंगल से बीनना प्रतिबंधित है।वन विभाग की टीम ने मंगलवार को दो तस्करों को 20 किलो धरती फूल के साथ गिरफ्तार किया है।

वन विभाग की मानें तो धरती फूल बारिश के मौसम में बहुत होता है,इसके साथ ही कटरुआ भी होता है।ये दोनों ही वन्य जीवों के लिए प्रोटीन फूड माने जाते हैं।खासकर हिरण और जंगली सूअर इसको खूब खाते हैं,इसी वजह से इस सब्जी को जंगल से बीनने पर प्रतिबंध है,इसके बावजूद लोग चोरी चुपके इस सब्जी को बीनने जंगल पहुंच जाते हैं।

वन विभाग की मानें तो खुले बाजार में धरती फूल की कीमत 1000 रुपए प्रति किलो है।वहीं कटरुआ की कीमत लगभग 2000 रुपए प्रति किलो है।दक्षिण सोनारीपुर रेंज में पेट्रोलिंग के दौरान टीम ने 2 लोगों को जंगल में अवैध रूप से प्रवेश कर वन्यजीवों के पौष्टिक आहार धरती का फूल खोदते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया।आरोपियों के पास से करीब 20 किलो धरती का फूल बरामद हुआ है।वन विभाग ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की।

दुधवा टाइगर रिजर्व के उप निदेशक जगदीश आर ने बताया कि मानसून के दौरान उगने वाली प्राकृतिक वनस्पतियां वन्यजीवों के भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं,इनके अवैध संग्रहण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे रिजर्व क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ा दी गई है और जो भी व्यक्ति बिना अनुमति जंगल में प्रवेश कर वन संपदा या वन्यजीवों के आहार को नुकसान पहुंचाते पाया गया उसके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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