लखनऊ।भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों के लिए सड़क का सफर जल्द ही पहले से आसान और तेज हो सकता है। गोरखपुर से सोनौली बॉर्डर के बीच बन रहा नया फोर-लेन हाईवे लगभग तैयार है। गोरखपुर-सोनौली हाईवे शुरू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर से नेपाल सीमा तक पहुंचने में लगभग 8 घंटे लगने की बात कही जा रही है।इस हाईवे से यूपी और बिहार के लोगों को भी नेपाल जाने में सुविधा मिलेगी।
जाम और संकरी सड़क की परेशानी होगी कम
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में मौजूद सोनौली बॉर्डर भारत और नेपाल के बीच आने-जाने का एक व्यस्त रास्ता है। इस सीमा से रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक तीर्थयात्री कारोबारी और माल लेकर जाने वाले वाहन गुजरते हैं।अभी तक कई जगहों पर दो लेन की संकरी सड़क होने के कारण वाहनों की लंबी लाइन लग जाती थी।भारी ट्रैफिक से यात्रियों को घंटों देरी का सामना करना पड़ता था। लगभग 79.5 किलोमीटर लंबा नया हाईवे इस परेशानी को कम करने के लिए बनाया गया है। फोर-लेन हाईवे बनने से गाड़ियों को निकलने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी और ट्रैफिक की रफ्तार भी बेहतर हो सकेगी।
हाईवे पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
गोरखपुर-सोनौली हाईवे पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई इंतजाम किए गए हैं। इस पर रेलवे ओवरब्रिज फ्लाईओवर छोटे पुल व्हीकल अंडरपास और सर्विस रोड बनाए गए हैं।हाईवे पर ट्रैफिक पर नजर रखने के लिए अलग-अलग जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। किसी परेशानी या हादसे की स्थिति में मदद मांगने के लिए इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी उपलब्ध होंगे। वाहन चालकों को रास्ते और ट्रैफिक से जुड़ी जानकारी देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले साइनबोर्ड लगाए गए हैं।इसको इस तरह तैयार किया गया है कि आने वाले समय में वाहनों की संख्या बढ़ने पर इसे चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जा सके।
दिल्ली-एनसीआर से नेपाल जाने में बचेगा समय
यह हाईवे दिल्ली नोएडा गाजियाबाद लखनऊ और बिहार से नेपाल जाने वाले लोगों के लिए बड़ा शॉर्टकट साबित हो सकता है। पहले नेपाल सीमा तक पहुंचने में यात्रियों को जाम और खराब ट्रैफिक के कारण ज्यादा समय लगता था। हाईवे के चालू होने के बाद दिल्ली से नेपाल सीमा तक का सफर लगभग 8 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है।
टूरिज्म और कारोबार को मिलेगा फायदा
इस हाईवे के शुरू होने के बाद भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सामान्य पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। यात्रियों के साथ-साथ व्यापारियों और मालवाहक वाहनों का सफर भी आसान होगा। इससे भारत और नेपाल के बीच सामान की आवाजाही तेज होगी और सीमा से जुड़े क्षेत्रों में कारोबार को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।