भदोही का नाम संत रविदास नगर करने पर मायावती ने की सीएम योगी की तारीफ,पूरे खेल में विलेन बने अखिलेश यादव
भदोही का नाम संत रविदास नगर करने पर मायावती ने की सीएम योगी की तारीफ,पूरे खेल में विलेन बने अखिलेश यादव

31 Jul 2026 |   30



ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में तमाम दलों के बीच खुद को दलित प्रेमी दिखाने की जबरदस्त होड़ मची है।पहले पीडीए के जरिए अखिलेश यादव ने जोर लगाया तो उसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर करके बड़ा दांव खेल दिया।बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने सीएम योगी की तारीफ की है। 
मायावती ने सपा पर दलित विरोधी होने का तगड़ा आरोप लगाया है।दलित प्रेम दिखाने के पूरे खेल को देखा जाए तो सीएम योगी और मायावती एक मंच पर नजर आ गए हैं। दोनों मिलकर सपा मुखिया अखिलेश यादव को दलित विरोधी दिखाने में जुटे हैं।

बता दें कि बसपा मुखिया मायावती का सीएम योगी के लिए तारीफ के शब्द चंद मिनटों में सियासी गलियारों आग की तरह फैल ग‌ए।सीएम योगी ने दो दिन पहले भदोही जिले का नाम एक बार फिर से संत रविदास नगर करने की घोषणा की थी,इसके बाद मायावती ने एक्स पर सीएम की तारीफ की है।

दलित प्रेम पर मायावती ने मिलाया सीएम योगी से सुर में सुर

बसपा मुखिया मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि जैसा कि मीडिया की खबरों से सर्वविदित है कि यूपी की वर्तमान सरकार ने बीएसपी सरकार द्वारा भदोही को राज्य मुख्यालय का दर्जा देते हुए संत रविदास नगर के नाम से नया जिला बनाया था और जिसे समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार ने अपनी संकीर्ण जातिवादी मानसिकता के तहत बदल दिया था, इसे अब फिर से संत रविदास नगर ज़िला स्थापित कर दिया है, जिसके लिये पार्टी राज्य सरकार की आभारी है।

मायावती ने कहा कि...

मायावती ने कहा कि वास्तव में बीएसपी की यूपी में रही चारों सरकारों में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने व आम जनहित को बेहतर बनाने के मद्देनज़र अनेकों नये जिले, तहसील,विकास खंड तथा पुलिस जोन व रेंज आदि बनाये गये और उनमें से कई जिलों के नाम दलित व अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) में समय-समय में जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों के नाम पर रखे गये और इसी क्रम में संत रविदास नगर व छत्रपति शाहूजी महाराज नगर व भीम नगर आदि अनेकों नये जिले बने,जिनके नाम सपा सरकार ने केवल अपनी जातिवादी सोच, द्वेष व संकीर्ण राजनीति के कारण बदल दिये, जिसको लोग कभी भी भुला नहीं पायेंगे।

मायावती ने कहा कि...

मायावती ने कहा कि इतना ही नहीं बल्कि ब्रज क्षेत्र में कासगंज इलाके के समुचित विकास के लिए कासंगज को जिला मुख्यालय का दर्जा देते हुये मान्यवर कांशीराम जी के नाम पर नया जिला बनाया गया,जिसका भी नाम सपा सरकार ने अपने पीडीए-पिछड़ा दलित व अक्लियत विरोधी रवैयों के कारण बदल दिया।मायावती ने कहा कि ऐसे में यूपी सरकार संत रविदास नगर की तरह ही,मान्यवर कांशीराम जी व अन्य महापुरुषों के नाम पर बनाये गये नये जिलों के भी असली नाम बहाल कर दे तो यह उचित होगा और यह कार्य अगर मान्यवर कांशीराम जी की दिनांक 9 अक्टूबर के परिनिर्वाण दिवस से पहले कर दिया जाये या उसी दिन ही कर दिया जाये तो बीएसपी इसके लिये आभारी रहेगी।

दलितों पर योगी-मायावती एक,सपा को बताया दुश्मन

बता दें कि जब सीएम योगी‌ ने मंच से भदोही जिले का नाम एक बार फिर से संत रविदास नगर करने की घोषणा की थी तब मंच से कहा था कि वह समाजवादी पार्टी के एक महापाप को सुधार रहे हैं।अब मायावती ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा जातिवादी मानसिकता वाली पार्टी है। मायावती ने सपा और उनकी सरकार को पीडीए-पिछड़ा दलित और अक्लियत विरोधी बताया है। मतलब एक तरफ जहां अखिलेश यादव 2024 लोकसभा चुनाव से उत्साहित होकर 2027 विधानसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर दलितों को उम्मीदवार बनाने की तैयारी में हैं, वहीं दूसरी तरफ सीएम योगी और बीएसपी मुखिया मायावती अखिलेश यादव को दलितों के सबसे बड़े दुश्मन साबित करने में जुट गए हैं।

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