मोदी सरकार की तगड़ी स्कीम,दे रही क्रेडिट कार्ड, 50 दिनों तक नहीं देना होगा ब्याज
मोदी सरकार की तगड़ी स्कीम,दे रही क्रेडिट कार्ड, 50 दिनों तक नहीं देना होगा ब्याज

10 Aug 2026 |   26



 

नई दिल्ली।मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिससे लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जाता है,इससे मोदी सरकार लाभार्थियों को ना सिर्फ लोन मुहैया कराती है बल्कि क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा मिलती है।ऐसी ही एक योजना- प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) है।इस योजना के तहत लाभार्थियों को क्रेडिट कार्ड की भी सुविधा मिलती है।

जानें योजना के बारे में

पीएम स्वनिधि योजना स्ट्रीट वेंडर्स के लिए है।इस योजना में लाभार्थियों को बिना किसी गारंटी के 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन दिए जाते हैं।ये लोन तीन चरणों में दिए जाते हैं।ये लाभ उन्हीं स्ट्रीट वेंडर्स को मिलेगा,जिन्होंने पीएम स्वनिधि योजना के तहत दूसरे चरण का लोन पूरी तरह चुका दिया है और वे तीसरे चरण के लोन के लिए पात्र हैं या पहले ही तीसरा लोन ले चुके हैं,जिन लोगों ने तीसरे चरण का लोन भी चुका दिया है, वे भी इस सुविधा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

बता दें कि बिना किसी गारंटी के तीन चरणों में 15000 रुपये, 25000 रुपये और 50000 रुपये के लोन दिए जाते हैं,जो विक्रेता दूसरे चरण का लोन सफलतापूर्वक चुका देते हैं, वे 30,000 रुपये तक की सीमा वाले यूपीआई -लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड के लिए पात्र होते हैं।खास बात यह है कि समय पर भुगतान करने पर लाभार्थी को 20 से 50 दिनों तक बिना ब्याज के क्रेडिट का लाभ मिलेगा। डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए, स्ट्रीट वेंडरों को खुदरा/थोक डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 1,600 रुपये तक के कैशबैक प्रोत्‍साहन दिए जाते हैं।

कौन-कौन से चाहिए दस्तावेज 

पीएम स्वनिधि योजना के तहत आधार कार्ड,पैन कार्ड,वेंडिंग सर्टिफिकेट (कोविड), सिफारिश पत्र (एलओआर) या शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी)/ ब्लॉक कार्यालयों द्वारा जारी पहचान पत्र की जरूरत होगी।इसके अलावा बचत बैंक खाते का विवरण और वर्तमान पते का प्रमाण चाहिए।आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए,इसके साथ ही आवेदक का किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था में एनपीए या बट्टे खाते वाला खाता नहीं होना चाहिए।

बता दें कि योजना के तहत जारी किए जा रहे क्रेडिट कार्ड को लेकर बैंकों और कार्ड जारी करने वाली संस्थाओं को कई अहम निर्देश दिए गए हैं।निर्देशों के मुताबिक क्रेडिट कार्ड जारी करते समय ग्राहक की सहमति के आधार पर बिल भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट सुविधा डिफॉल्ट रूप से सक्रिय की जाएगी। यह सुविधा तब तक चालू रहेगी,जब तक कार्डधारक खुद किसी अन्य भुगतान माध्यम का विकल्प नहीं चुनता। ऑटो-डेबिट के लिए सहमति पीएम स्वनिधि के पीएम‌एस पोर्टल पर आवेदन के दौरान ही ली जा चुकी है।

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