स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने जारी किया सख्त बयान
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ईरान ने जारी किया सख्त बयान

10 Aug 2026 |   32



 

नई दिल्ली।अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है।इसका असर अब विश्व के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी दिख रहा है।ईरान ने सोमवार को साफ कहा कि अमेरिका की ओर से उसकी मांगें पूरी किए जाने तक वह इस समुद्री रास्ते को दोबारा नहीं खोलेगा।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ये कहा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अब गेंद अमेरिका के पाले में है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने उन कदमों को रोकना होगा,जिन्हें ईरान गैरकानूनी और नुकसान पहुंचाने वाला मानता है।इस दौरान ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई और अपने बंदरगाहों की नाकेबंदी पर भी सवाल उठाए हैं।

जानें ईरान की क्या हैं मांगें

बता दें कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के बदले अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं,इनमें सबसे पहली मांग अमेरिकी ब्लॉकेड हटाने की है,इसके अलावा ईरान युद्ध के दौरान हुए नुकसान के लिए मुआवजा चाहता है।ईरान की दूसरी बड़ी मांग अमेरिका की ओर से लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध हटाने की है,इसके साथ ही ईरान विदेशों में फ्रीज की गई अपनी संपत्तियों को भी वापस चाहता है।इन मुद्दों पर अमेरिका की ओर से ठोस कदम उठाए जाने के बाद ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने पर बात आगे बढ़ सकती है।

क्यों इतना अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

बताते चलें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विश्व के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है।विश्व में होने वाले कुल तेल कारोबार का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है,इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों पर पड़ सकता है।अगर होर्मुज से तेल की आवाजाही लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो विश्व के कई देशों में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है,इसका असर पेट्रोल, डीजल और दूसरी चीजों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।

ओमान के साथ भी चल रही बातचीत

ईरान इस मुद्दे पर सिर्फ अमेरिका से ही बातचीत नहीं कर रहा है, बल्कि ओमानके साथ भी अलग बातचीत कर रहा है,इसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही के लिए अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर बनाने की संभावना पर चर्चा की जा रही है।हालांकि ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि किसी अस्थायी व्यवस्था और होर्मुज को पूरी तरह दोबारा खोलने के बीच फर्क है।ईरान के मुताबिक स्थायी रूप से रास्ता खोलने का फैसला अमेरिका के साथ बातचीत और उसकी शर्तों पर निर्भर करेगा।

तेल बाजार पर बढ़ सकती है चिंता

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अनिश्चितता ऐसे समय में बढ़ रही है, जब पहले से ही वैश्विक बाजार में ऊर्जा कीमतों पर नजर बनी हुई है।लंबे समय तक होर्मुज बंद रहने से ऑयल सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ सकती है और इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।फिलहाल ईरान ने अपना रुख साफ कर दिया है।अब नजर अमेरिका की प्रतिक्रिया और दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत पर है।

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