नई दिल्ली।वित्त मंत्रालय द्वारा विमानन क्षेत्र में कुछ ही कंपनियों का दबदबा स्थापित होने की ओर इशारा किए जाने के बाद नागरिक विमानन मंत्रालय ने हवाई अड्डों की आगामी नीलामी में किसी एक ऑपरेटर द्वारा हासिल हवाई अड्डों की संख्या सीमित करने का प्रस्ताव दिया है।आगामी नीलामी के तहत 11 हवाई अड्डों के लिए बोली लगाई जाएंगी।इन हवाई अड्डों की नीलामी दो या तीन समूहों में की जाएगी।सरकार द्वारा सार्वजनिक की गई बातचीत के रिकॉर्ड से यह खुलासा हुआ है।
नए बंडलिंग मॉडल के तहत सरकार ने अधिक कमाई करने वाले बड़े हवाई अड्डों को छोटे और घाटा दर्ज करने वाले हवाई अड्डों के साथ मिलाकर एक समूह तैयार किया है,इससे निजी कंसेसनियार को अधिक ट्रैफिक वाले हवाई अड्डों से होने वाले मुनाफे का इस्तेमाल कर छोटे हवाई अड्डों के परिचालन एवं पूंजीगत खर्च को संभालने में मदद मिलेगी। सरकार के इस प्रस्ताव का उद्देश्य बाजार में एकाधिकार और बहुत अधिक ऋण की स्थिति को संभालना है।
नागरिक विमानन मंत्रालय ने 4 अगस्त को सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (पीपीपीएसी) की 149वीं बैठक में वित्त मंत्रालय को बताया कि सरकार को आशंका है कि इससे कई हवाई अड्डा परियोजनाओं में समस्याएं पैदा हो सकती हैं।पीपीपीएसी 250 करोड़ रुपये से अधिक लागत की केंद्र सरकार की सार्वजनिक निजी भागीदारी वाली परियोजनाओं का मूल्यांकन करती है। उसके बाद परियोजना को मंत्री या केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाता है।
सरकार ने फरवरी 2019 में छह बड़े हवाई अड्डों का निजीकरण किया था,इनमें लखनऊ,अहमदाबाद,जयपुर, मंगलूरु,तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी हैं।उस दौरान प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के बाद अदाणी समूह ने उन सभी हवाई अड्डों को 50 साल तक संचालित करने के अधिकार हासिल किए थे।
सितंबर 2020 में कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल सहित विपक्षी सांसदों ने निजी क्षेत्र के एक ही समूह को कई हवाई अड्डे सौंपे जाने पर सवाल उठाए थे।अदाणी समूह ने अक्टूबर 2020 और नवंबर 2021 के बीच इन 6 हवाई अड्डों का संचालन अपने हाथ में ले लिया।
देश का हवाई अड्डा बाजार कुछ ही ऑपरेटरों के हाथों में है। सरकार भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के जरिये 129 हवाई अड्डों का प्रबंधन करती है।मगर नेटवर्क के आकार के हिसाब से निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी हवाई अड्डा प्रबंधन कंपनी अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स 8 हवाई अड्डों का संचालन करती है। ये हवाई अड्ड 24 से 25 फीसदी हवाई यात्रियों और करीब 33 फीसदी माल ढुलाई को संभालते हैं।
जीएमआर एयरपोर्ट्स दिल्ली और हैदराबाद हवाई अड्डों के अलावा अन्य हवाई अड्डों का भी संचालन करती है। कंपनी के अनुसार हवाई यात्रियों की कुल आवाजाही में उसकी हिस्सेदारी लगभग 27.5 फीसदी है।
अदाणी और जीएमआर की हवाई यात्रियों में आधे से अधिक हिस्सेदारी है। विमानन बाजार का हाल भी कुछ ऐसा ही है। जुलाई 2026 में कुल घरेलू हवाई यात्रियों में इंडिगो और टाटा समूह की विमानन कंपनी एयर इंडिया ग्रुप की एकीकृत हिस्सेदारी लगभग 91 फीसदी थी।
वित्त मंत्रालय, नागरिक विमानन मंत्रालय, अदाणी समूह, इंडिगो और एयर इंडिया ने इस संबंध में जानकारी के लिए भेजे गए ईमेल का खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया।