हनुमानगढ़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन ने किए हैं खास इंतजाम
हनुमानगढ़ी में उमड़ा आस्था का सैलाब, प्रशासन ने किए हैं खास इंतजाम

11 Jun 2024 |  56





अयोध्या।सनातन धर्म में ज्येष्ठ माह का खास महत्व होता है। आज ज्येष्ठ माह का तीसरा मंगलवार है।आज के दिन सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में आज तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।सरयू में स्नान करने के बाद श्रद्धालु बजरंगबली का आशीर्वाद लेने के लिए लगभग 2 किलोमीटर लाइनों में लगकर जय श्री राम और पवन पुत्र हनुमान के जय घोष के साथ हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का दर्शन पूजन कर रहे हैं। ज्येष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगलवार के दिन लाखों की संख्या में हनुमानगढ़ी में हनुमान भक्त पहुंचे हैं।

धार्मिक मान्यता के मुताबिक ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले मंगलवार को बड़ा मंगल के नाम से जाना जाता है और इस दिन विधि विधान पूर्वक बजरंगबली की पूजा आराधना की जाती है। कहा जाता है कि इस दिन ऐसा करने से जीवन में चल रही तमाम तरह की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।

प्रभु श्रीराम राम की नगरी अयोध्या में ज्येष्ठ के तीसरे मंगल के दिन श्रद्धालुओं का बड़ा सैलाब उमड़ पड़ा है,जिसको लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।हनुमानगढ़ी के बाहर अस्थायी छाव की व्यवस्था की गई है।इसके अलावा श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के लिए बैरिकेड लगाए गए हैं।कम संख्या में श्रद्धालुओं को हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही ज्येष्ठ माह के मंगल पर बजरंगबली के दर्शन को लेकर आसपास के जिले के साथ श्रद्धालु रामनगरी पहुंच रहे हैं।ऐसे में ज्येष्ठ माह के तीसरे मंगल को लेकर प्रशासन ने हनुमानगढ़ी समेत राम जन्मभूमि पर विशेष व्यवस्थाएं कर रखी हैं। रामनगरी में प्याऊ की व्यवस्था की गई है।चिलचिलाती गर्मी में श्रद्धालुओं को धूप से बचाने के लिए छाजन की व्यवस्था की गई है।

दूर दराज से रामनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालु प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर प्रफुल्लित नजर आ रहे हैं।श्रद्धालुओं ने कहा कि दर्शन पूजन को लेकर की गई व्यवस्थाएं बेहतर हैं। इसको लेकर श्रध्दालुओं ने जिला प्रशासन को धन्यवाद दिया है।

बता दें कि ज्येष्ठ माह के बड़े मंगल की धार्मिक मान्यता है कि ज्येष्ठ माह के मंगल को प्रभु श्रीराम की मुलाकात बजरंगबली से हुई थी। ज्येष्ठ माह के मंगल के दर्शन पूजन, दान पुण्य का विशेष महत्व है और यह प्रथा अति प्राचीन है।रामनगरी में जगह-जगह प्याऊ भंडारे का भी आयोजन ज्येष्ठ माह के मंगल पर किया गया है।

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