सीएम योगी की बड़ी परीक्षा:माघ मेले में महाकुंभ जैसी तस्वीर,श्रद्धालुओं का उमड़ने लगा रेला,सुरक्षा के कड़े इंतजाम
सीएम योगी की बड़ी परीक्षा:माघ मेले में महाकुंभ जैसी तस्वीर,श्रद्धालुओं का उमड़ने लगा रेला,सुरक्षा के कड़े इंतजाम

03 Jan 2026 |   35



 

प्रयागराज।उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव में लगभग दो साल का समय बाकी है कि,लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सबसे बड़ी परीक्षा 2026 में ही शुरू हो गई है।संगम नगरी में फिर से महाकुंभ जैसी तस्वीर दिखने लगी है।संगम की रेती पर फिर से श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा है। साल 2026 के लिए सीएम योगी का ये पहला चैलैंज है।नए साल पर सीएम योगी की ये पहली चुनौती है।महाकुंभ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए,अब माघ मेला में पुराने कीर्तिमान टूटने वाले हैं।

 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना

 44 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में 15 से 20 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।पिछले साल 6 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई थी।यूपी का हर तीसरा शख्स माघ मेले में आस्था का डुबकी लगाएगा। संगम नगरी से सनातन का संदेश लेकर वापस अपने घर लौटेगा और यही सनातनी 2027 के विधानसभा चुनाव में वोट भी करेगा।महाकुंभ में सीएम योगी के नेतृत्व में विश्व रिकॉर्ड बना था।माघ मेले की भी तैयारी बड़ी है। सीएम योगी खुद पूरे इंतजाम की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि अगर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई चूक हुई तो जिम्मेदार अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा।

 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज में माघ मेले के प्रथम स्नान पर्व पौष पूर्णिमा के अवसर 31 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई।आध्यात्मिक नगरी काशी में घाट में 11 लाख, रामनगरी अयोध्या में साढ़े 5 लाख और मथुरा में 4 लाख श्रद्धालुओं ने  स्नान किया। सीएम योगी ने माघ मेला की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए हैं।

 माघ मेले की तैयारियां कैसी हैं

इस बार 800 हेक्टेयर में मेला क्षेत्र बसाया गया है,126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं,8 किलोमीटर लंबे अस्थाई घाट बनाए गए हैं,25 हजार शौचालयों का इंतजाम है,8000 डस्टबीन लगे हैं,33 सौ सफाई कर्मी दिन-रात संगम तट को स्वच्छ रखने में जुटे हैं,श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 9 पांटून पुल बनाए गए हैं,160 किलोमीटर के दायरे में चकर्ड प्लेट लगे हैं,242 किलोमीटर के दायरे में पानी के लिए पाइपें बिछाई गई हैं,85 किलोमीटर लंबी सीवर लाइन बिछी है,25 बिजली के सब स्टेशन बनाए गए हैं,20-20 बेड के दो अस्पताल बनाए गए हैं,बाहर से आने वालों को असुविधा न हो इसलिए 2 जगहों पर पार्किंग का इंतजाम है,3 हजार परिवहन निगम की बसें चल रही हैं,75 शटल बसों की भी सुविधा दी गई है।

 सुरक्षा के क्या हैं इंतजाम

17 थाने,42 पुलिस चौकी,20 फायर टेंडर,7 फायर ब्रिगेड चौकियां बनाई गई हैं,1 जल पुलिस थाना, 4 जल पुलिस कंट्रोल रुम बने बने हैं,400 कैमरों से क्राउड मैनेजमेंट की निगरानी की जा रही है,मेला क्षेत्र में AI कैमरे भी लगाए गए हैं,15 DY SP, 8 ASP की तैनाती,2500 सिविल पुलिस की तैनाती,17 कंपनी PAC की तैनाती,6 कंपनी RAF की तैनाती,5 बाढ़ राहत कंपनी तैनात,ATS टीम,जल पुलिस और NDRF तैनात।

बता दें कि संगम की पवित्र रेती पर आस्था का महासागर उमड़ पड़ा।गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आज से माघ मेले का भव्य आगाज़ हो चुका है।पौष पूर्णिमा के पहले स्नान पर्व पर 28 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई हैं। 44 दिनों तक चलने वाला यह ऐतिहासिक माघ मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि सनातन परंपरा,संस्कृति और सुरक्षा व्यवस्था का अद्भुत उदाहरण है।

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