मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का 27 लाख बेटियों को मिला लाभ,जानें इसे पाने का तरीका
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का 27 लाख बेटियों को मिला लाभ,जानें इसे पाने का तरीका

03 Jan 2026 |   73



 

लखनऊ।उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार बेटियों के भविष्य को संवारने और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में नए रिकॉर्ड बना रही है।इस योजना ने यूपी की लगभग 27 लाख बेटियों के भविष्य को संवार रही है।योगी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि बेटियां अब बोझ नहीं,बल्कि समाज की असली ताकत हैं।

दिख रहा जमीनी स्तर पर बदलाव

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक लगभग 27 लाख बेटियों को लाभ मिल चुका है।इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए योगी सरकार ने अब तक कुल 647.21 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की है।वित्तीय वर्ष 2024-25 की बात करें तो अकेले इस साल अब तक 3.28 लाख बेटियों को 130.03 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं।
ये आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं कि यह योजना केवल कागजी घोषणाओं तक सीमित नहीं है,बल्कि एक पारदर्शी और प्रभावी प्रशासनिक ढांचे के जरिए प्रदेश के अंतिम छोर पर बैठी बेटी तक पहुंच रही है।

सहायता राशि में हुई बंपर बढ़ोतरी

बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए योगी सरकार ने इस साल सहायता राशि में बड़ी बढ़ोतरी की है।पहले इस योजना के तहत कुल 15 हजार रुपये दिए जाते थे,अब इसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। यह राशि बेटियों को उनके जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक 6 अलग-अलग चरणों में प्रदान की जाती है।इस योजना का उद्देश्य बेटियों को आर्थिक संबल देकर शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।

ऐसे मिलती 6 चरणों में मदद

जन्म के समय 5000 रुपये,पूर्ण टीकाकरण होने पर (2 वर्ष की आयु) 2000 रुपये।कक्षा 1 में प्रवेश पर 3 हजार रुपये,कक्षा 6 में प्रवेश पर 3 हजार रुपये,कक्षा 9 में प्रवेश पर 5 हजार रुपये और डिग्री/डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर (10वीं-12वीं के बाद) 7 हजार रुपये।

किसे और कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ 

इसके लिए लाभार्थी परिवार यूपी का स्थायी निवासी होना चाहिए,परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए,एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है।(जुड़वां बच्चों के मामले में नियम में छूट दी गई है)। आवेदक के पास राशन कार्ड या आधार कार्ड जैसा वैध निवास प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है।

2019 में शुरू हुई इस योजना का मूल उद्देश्य है कन्या भ्रूण हत्या रोकना 

साल 2019 में शुरू हुई इस योजना का मूल उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या को रोकना,लैंगिक समानता स्थापित करना और बाल विवाह जैसी कुरीतियों पर लगाम लगाना है।योगी सरकार की यह पहल न केवल बेटियों को आर्थिक संबल दे रही है, बल्कि समाज में उनके प्रति सकारात्मक सोच भी विकसित कर रही है।आज यूपी की लाखों बेटियां इस योजना के दम पर अपने सपनों की उड़ान भर रही हैं।

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