ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।पूर्व मुख्यमंत्री समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर जाति आधारित जनगणना का मुद्दा उठाया है।सरकार के जनगणना गजट नोटिफिकेशन पर सवाल उठाते हुए अखिलेश ने कहा है कि इसमें जाति का कॉलम कहां है,आप किसकी गणना करने जा रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी सरकार पर करारा हमला बोलते हुए पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि हमें खुद ही आरक्षण की लड़ाई लड़नी होगी।भाजपा ने जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं डाला है,जो कि एक स्पष्ट संकेत है कि भाजपा जाति जनगणना नहीं करना चाहती है।इस पूरे मामले को अखिलेश ने पीडीए समाज के साथ साजिश की बात कही।
अखिलेश यादव ने कहा कि जनगणना की अधिसूचना में जाति का कॉलम तक नहीं है,गिनेंगे क्या,जातिगत जनगणना भी भाजपा का जुमला है,भाजपा का सीधा फार्मूला है, न गिनती होगी, न आनुपातिक आरक्षण-अधिकार देने का जनसांख्यिकीय आधार बनेगा। अखिलेश ने कहा कि जातिगत जनगणना न करना पीडीए समाज के खिलाफ भाजपाई साजिश है।
अखिलेश यादव ने पोस्ट में आगे लिखा कि आज भाजपा पर भरोसा करने वाले अपने को ठगा हुआ ही नहीं,बल्कि घोर अपमानित भी महसूस कर रहे हैं।भाजपा में जो कार्यकर्ता और नेता अब तक जातिगत जनगणना करवाने का दावा कर रहे थे, वे अब अपने समाज में मुंह दिखाने लायक नहीं बचे हैं,वे अब गले से भाजपाई पट्टा और घरों,दुकानों,वाहनों से भाजपा का झंडा उतारने के लिए मजबूर हैं।
अखिलेश यादव ने साफ तौर पर कहा कि पीडीए को अपने मान-सम्मान,आरक्षण और अधिकार की लड़ाई खुद लड़नी होगी।अब जब विरोध होगा तो छलजीवी भाजपा फिर कहेगी ये टाइपिंग मिस्टेक हो गई।भाजपा अब इतनी बुरी तरह एक्सपोज हो गयी है।अखिलेश ने कहा कि सबको मालूम है कि अपने गलत मंसूबों के भंडाफोड़ होने के बाद आगे क्या करेगी।दरअसल ये भाजपाई चालाकी नहीं,भाजपाई बेशर्मी है। अखिलेश ने कहा कि अब शब्दकोशों में वचन-विमुखी भाजपा का मतलब धोखा लिख देना चाहिए।
बता दें कि जाति आधारित जनगणना की मांग विपक्ष लगातार कर रहा है।इस क्रम में सरकार से जनगणना में जातीय आधार पर लोगों की गिनती किए जाने की मांग की गई है।साल 2020 में जनगणना 2021 के लिए आदेश जारी किया गया था। कोरोना काल में जनगणना कार्य को पूर्ण नहीं कराया जा सका। अब सरकार जनगणना-2027 का नोटिफिकेशन जारी की है। सरकार के स्तर पर पहले जातीय जनगणना की बात कही गई थी।हालांकि सरकार की ओर से जारी गजट नोटिफिकेशन में इसका जिक्र विस्तार से नहीं है।जनगणना के नोटिफिकेशन में 12वें नंबर पर एक सवाल- क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति या अन्य से संबंधित है?का जवाब गणना अधिकारियों को हासिल करना है।इसी पर अब पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने सवाल खड़े किए हैं।अखिलेश ने जनगणना नोटिफिकेशन की कॉपी शेयर कर सवाल खड़ा किया है।
जनणना में इन सवालों के लिए जाएंगे जवाब
भवन नंबर (नगर या स्थानीय प्राधिकरण अथवा जनगणना नंबर)
जनगणना मकान नंबर
जनगणना मकान के फर्श में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
जनगणना मकान की दीवार में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
जनगणना मकान की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री
जनगणना मकान के उपयोग
जनगणना मकान की हालत
परिवार क्रमांक
परिवार में सामान्य तौर पर रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या
परिवार के मुखिया का नाम
परिवार के मुखिया का लिंग
क्या परिवार का मुखिया अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति या अन्य से संबंधित है
मकान के स्वामित्व की स्थिति
परिवार के पास रहने के लिए उपलब्ध कमरों की संख्या
परिवार में रहने वाले विवाहित दंपत्तियों की संख्या
पेयजल का मुख्य सोत
पेयजल श्रोत की उपलब्धता
प्रकाश का मुख्य सोत
शौचालय की सुलभता
शौचालय का प्रकार
गंदे पानी की निकासी
स्नानगृह की उपलब्धता
रसोईघर और एलपीजी-पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता
खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन
रेडियो, ट्रांजिस्टर
टेलीविजन
इंटरनेट सुविधा
लैपटॉप-कंप्यूटर
टेलीफोन, मोबाइल फोन, स्मार्ट फोन
साइकिल, कंप्यूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड
कार, जीप, वैन
परिवार की ओर से उपभोग किए जाने वाले मुख्य अनाज
मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संसूचना के लिए)