तेहरान।यह पहले ही माना जा रहा था अमेरिका-इजरायल के हमले के बाद ईरान चुप नहीं बैठेगा।बदले की कार्रवाई जरूर करेगा।ऐसा ही हुआ है।ईरान ने अमेरिका-इजरायल पर भयंकर जवाबी हमला किया है।ईरान ने एकसाथ बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब,कतर,कुवैत, ओमान और जॉर्डन जैसे खाड़ी देशों में हमला कर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया है। ईरान ने ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं।इन देशों के अलावा ईरान ने इजरायल के कई हिस्सों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से जवाबी हमला किया है।
बताया जाता है कि ईरान ने खाड़ी देशों में जिन अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है,उनमें चार प्रमुख अमेरिकी सैन्य ठिकाने शामिल हैं।ईरान ने कतर में अमेरिका के अल उदैद एयरबेस,कुवैत में अली अल सलेम एयरबेस, संयुक्त अरब अमीरात में अल धाफरा एयरबेस और बहरीन में US नेवल बेस के 5वें बेड़े के मुख्यालय को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरान ने एक साथ मिडिल ईस्ट में US मिलिट्री के इन एसेट्स पर हमले किए।
ऐसे में माना जा रहा है कि ईरान की इस जवाबी कार्रवाई से सबसे ज्यादा नुकसान अमेरिका को हुआ है,क्योंकि ईरान ने उसके प्रमुख सैन्य ठिकाने एक साथ कई मिसाइलों से ध्वस्त कर दिए हैं। हालांकि अमेरिका ने ये बेस पहले ही खाली करा लिए थे। इधर ईरान के खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले के बाद अमेरिका ने फिर से ईरान को चेतावनी दी है और कहा है कि ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अमेरिका का मिलिट्री ऑपरेशन जारी रहेगा।
ईरानी मिसाइलों के हमले के बीच आबू धाबी में सड़कों पर मौजूद लोग भागते हुए देखे गए।तेज धमाकों से लोगों में दहशत फैल गई। ईरानी हमले के बाद खाड़ी देशों ने अपने एयर स्पेस बंद कर दिए हैं,जिससे उड़ानें स्थगित हो गई हैं। वहीं इजरायल से आने-जाने वाली सभी उड़ानें रद्द की जा रहीं हैं। इस समय ईरान-इजरायल के बीच भीषण जंग चल रही है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में 50 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल पर दागीं हैं।ईरान के साथ जंग को देखते हुए इज़रायल ने अपने 70 हज़ार रिजर्व सैनिक बुला लिए हैं।