दुबई।ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) ने बुधवार को होर्मुज स्ट्रेट में दो जहाजों को जब्त कर लिया है।ईरान ने कहा है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।आईआरजीसी के अनुसार एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोडेस नाम के जहाजों पर कार्रवाई की गई। इन पर बिना अनुमति संचालन करने और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है। जहाजों के मालिकों से इस मामले पर टिप्पणी के लिए फिलहाल संपर्क नहीं हो सका।ईरानी सैन्यबलों की गोलीबारी में निशाना बनने वाले तीन वाणिज्यिक जहाजों में से एक जहाज संभवतः गुजरात के मुंदड़ा बंदरगाह की ओर जा रहा था।शुरुआती शिपिंग आंकड़े से यह जानकारी मिली है।
समुद्री निगरानी कंपनी मैरीनट्रैफिक के मुताबिक एपामिनोंडस’ नामक कंटेनर जहाज ने अपने गंतव्य के रूप में मुंदड़ा बंदरगाह का संकेत दिया था।यह जहाज लाइबेरिया के झंडे के तहत संचालित हो रहा है और फिलहाल ओमान की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद बताया गया है।
ईरान के विशेष सैन्यबल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरते समय इन जहाजों पर गोलीबारी की। इस घटना में दो जहाजों को बाद में कब्जे में ले लिया गया और कम-से-कम एक जहाज को नुकसान भी पहुंचा।हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
आईआरजीसी की गोलीबारी की जद में आने वाले अन्य जहाजों में एमएससी फ्रांसेस्का श्रीलंका के हम्बनटोटा बंदरगाह की ओर जा रहा था जबकि यूफोरिया जहाज का गंतव्य जेद्दा था।
ईरान ने दावा किया कि इन जहाजों ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया या चेतावनियों को नजरअंदाज किया।वहीं कुछ समुद्री सूत्रों का कहना है कि कम-से-कम एक जहाज को पहले से अनुमति मिली हुई थी।
बंदरगाह,पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने हाल ही में कहा था कि पिछले सप्ताह जलडमरूमध्य पार करने की कोशिश कर रहे दो भारतीय जहाजों पर भी गोलीबारी हुई थी, जिसके बाद उन्हें वापस लौटना पड़ा था।हालांकि भारतीय ध्वज वाला टैंकर देश गरिमा 18 अप्रैल को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर चुका है और इसके जल्द मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
मुकेश मंगल ने अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि वर्तमान में फारस की खाड़ी क्षेत्र में 13 भारतीय ध्वज वाले और एक भारतीय स्वामित्व वाला जहाज फंसा हुआ है।
बताते चलें कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ओमान सागर में अमेरिका द्वारा एक ईरानी वाणिज्यिक जहाज को जब्त किए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है।ईरान ने इस कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।