लखनऊ।उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर जारी है।इस बीच राजधानी लखनऊ समेत आसपास के जिलों में आंधी-बारिश ने जबरदस्त कहर बरपाया है।कहीं पेड़ तो कहीं पोल गिर गए हैं।गोंडा में ट्रांसफार्मर समेत पोल गिर गया है,जिससे बिजली संकट गहरा गया है।सीतापुर में आंधी से दीवार गिरने से महिला की मौत हो गई है।पति समेत चार लोग घायल हैं।
लखनऊ में आई आंधी और हल्की बौछार से लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली,लेकिन कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। आंधी की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा रही।कई इलाकों में पेड़ की डालियां टूट गईं।आंधी से गोमतीनगर, चिनहट,अर्जुनगंज,इंदिरा नगर समेत बड़े इलाके की बिजली ठप हो गई।
शहर के ज्यादातर लोगों के मोबाइल पर रात 10:30 बजे के आसपास ही मौसम खराब होने का अलर्ट आ गया था।यह अलर्ट चर्चा का विषय भी बना।रात सवा 11 बजे के करीब अचानक आंधी शुरू हो गई।इस दौरान इन्दिरा नगर,गोमती नगर विस्तार,अयोध्या रोड,उतरेटिया,अर्जुनगंज समेत कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। कुछ इलाकों में मौसम में सुधार के बावजूद भी बिजली व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। पिछले कई दिनों से चल रहा तपिश का सिलसिला आंधी और हल्की बारिश से टूटा। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 2.1 डिग्री सेल्सियस अधिक 42.3 दर्ज किया गया। रात का न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रहा। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ज्यादा था।
सीतापुर के पिसावां के मऊ खुर्द गांव में सोमवार रात तेज रफ्तार तेज आंधी आई।सकील अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान निर्माणाधीन दीवार गिर गई। मलबे के नीचे सकील उनकी पत्नी किस्मत जहां और बच्चे अमन बेग, अहद बेग और समद बेग दब गए। चीख-पुकार और शेार सुनकर आसपास के लोग जुट गए। लोगों ने मलबा हटाकर परिवार के सभी लोगों को बाहर निकाला। आनन-फानन में सभी को सीएचसी ले गए। जहां डॉक्टरों ने किस्मत जहां को मृत घोषित कर दिया। वहीं, सकील की हालत गंभीर देख जिला उनका प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं बच्चे अमन, अहद और समद का सीएसची में इलाज चल रहा है।पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गोंडा में कोतवाली देहात क्षेत्र के हरखापुर ग्राम पंचायत स्थित बिरसिंहपुर बालक पुरवा में तेज आंधी के दौरान बड़ा हादसा हो गया।गांव में खड़ा सौ साल से अधिक पुराना बरगद का पेड़ अचानक गिर गया।पेड़ की चपेट में आने से सगे भाई गंगा राम और हरि शंकर के मवेशी दब गए।हादसे में एक भैंस और एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मवेशी घायल हो गए।पीड़ितों ने बताया कि बरगद के नीचे करीब डेढ़ दर्जन मवेशी बंधे थे। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने पेड़ की डालियां हटाकर घायल मवेशियों को बाहर निकाला। सूचना पर पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. राजीव तिवारी ने घायल पशुओं का इलाज किया। उन्होंने बताया कि हरखापुर निवासी कृष्ण चंद दूबे की दो गायों के ऊपर भी पेड़ गिरने से घायल हो गई है, जबकि लौव्वा टेपरा निवासी आनंद दूबे की गाय पर पीपल का पेड़ गिरने से वह घायल हो गई। पीड़ित पशुपालकों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है।
आंधी से गोंडा के बेलसर,नवाबगंज,वजीरगंज क्षेत्र में सैकड़ों बड़े पेड़ गिर गए।बेलसर गोंडा मार्ग पर चांदपुर विजयनगर के पास सड़क पर इस तरह से पेड़ गिरे की पूरी तरह आवागमन ठप है,लोग घूम कर जा रहे हैं।आंधी का आलम यह था कि पेड़ गिरने से एक गांव से दूसरे गांव का पहुंचना दूभर हो गया है।आंधी इतनी तेज थी सैकड़ों बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर गिरकर जमीदोज हो गए।बेलसर,वज़ीरगंज, नवाबगंज,टिकरी समेत कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। सड़क पर जहां तहां पेड़ गिरे पड़े है। वहीं सरकारी अमला अभी देखने तक नहीं आया। पेड़ काटकर हटने का बाद यातायात बहाल हो सकेगा।
गोंडा के नवाबगंज में तेज आंधी से रेलवे ट्रैक और सड़कों पर कई पेड़ गिर गए। इससे रेल और सड़क यातायात बाधित हो गया। मनकापुर की ओर से अयोध्या धाम जा रही मालगाड़ी संख्या 12सी रात में क्षेत्र के किशुनदासपुर और पर्वती गांव के पास अचानक रुक गई।रेलवे लाइन पर भारी पेड़ गिरने से मालगाड़ी आगे नहीं बढ़ सकी और करीब आठ घंटे तक ट्रैक पर खड़ी रही।मंगलवार सुबह आठ बजे तक भी रेल मार्ग पूरी तरह सामान्य नहीं हो सका था। घटना की सूचना मिलने के बाद रेलवे विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक से पेड़ हटाने का काम शुरू किया गया।
कटरा रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर संतोष त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार रात करीब 11:30 बजे तेज आंधी के चलते रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिर गया था, जिससे रेल यातायात प्रभावित हुआ और मालगाड़ी को बीच रास्ते में रोकना पड़ा।
बता दें सड़क मार्ग पर भी कई जगहों पर पेड़ गिरने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों को रातभर आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।