लखनऊ। उत्तर प्रदेश को लगभग चार साल के इंतजार के बाद अब स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने जा रहा है।इसको लेकर दिल्ली में यूपीएससी की अहम बैठक होनी है।इस बैठक में यूपी के नए स्थायी डीजीपी के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर मुहर लगेगी।इन नामों में सबसे अधिक चर्चा 1990 बैच की आईपीएस रेणुका मिश्रा की है।कभी यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की अध्यक्ष रहीं रेणुका मिश्रा का नाम पहले भी डीजीपी की रेस में सामने आ चुका है हालांकि पुलिस भर्ती पेपर लीक विवाद के बाद रेणुका मिश्रा को पद से हटा दिया गया था।अब एक बार फिर रेणुका मिश्रा का नाम डीजीपी की रेस में आने से सियासी और प्रशासनिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कौन हैं आईपीएस रेणुका मिश्रा
रेणुका मिश्रा उत्तर प्रदेश कैडर की 1990 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं।यूपी की तेज-तर्रार और सख्त प्रशासनिक छवि वाली अफसरों में रेणुका मिश्रा की गिनती है। रेणुका मिश्रा ने पुलिस सेवा के दौरान कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और कानून-व्यवस्था से लेकर भर्ती प्रक्रिया तक कई बड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।रेणुका मिश्रा मूल रूप से आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले की रहने वाली हैं। रेणुका मिश्रा का जन्म 1 फरवरी 1967 को हुआ था।बचपन से ही सपना पुलिस अधिकारी बनने का था।परिवार का माहौल भी अनुशासन और सेवा भावना से जुड़ा रहा। रेणुका मिश्रा की मां 1950 के दशक में एनसीसी जॉइन करने वाली शुरुआती महिलाओं में शामिल थीं।यही वजह रही कि रेणुका मिश्रा के मन में भी वर्दी पहनने का सपना बचपन से था।
पढ़ाई में भी शानदार रहीं रेणुका
रेणुका मिश्रा ने कॉमर्स और इकोनॉमिक्स विषय से बीकॉम किया,इसके बाद एमए इन पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई की।पढ़ाई पूरी करने के बाद रेणुका मिश्रा ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू की और साल 1990 में सिविल सेवा परीक्षा पास कर आईपीएस अधिकारी बनीं। 20 अगस्त 1990 को रेणुका मिश्रा यूपी कैडर में नियुक्ति हुई थी। बाद में 11 अक्टूबर 1992 को उनकी सेवा स्थायी कर दी गई।
कब-कब मिला प्रमोशन
रेणुका मिश्रा का पुलिस सेवा में लंबा अनुभव रहा है। रेणुका मिश्रा ने कई बड़े प्रमोशन हासिल किए और लगातार वरिष्ठ पदों तक पहुंचीं।साल 1994 में रेणुका मिश्रा को सीनियर स्केल मिला,इसके बाद 2004 में सेलेक्शन ग्रेड में प्रमोट हुईं। दिसंबर 2005 में डीआईजी बनाया गया।फिर जून 2010 में आईजी के पद पर प्रमोशन मिला। साल 2014 में रेणुका मिश्रा एडीजी बनीं और आखिरकार अक्टूबर 2021 में उन्हें डीजी रैंक पर प्रमोट कर दिया गया।
किन-किन पदों पर तैनात रहीं रेणुका
रेणुका मिश्रा ने यूपी पुलिस में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। रेणुका मिश्रा को प्रशासनिक क्षमता और सख्त फैसलों के लिए जाना जाता है। रेणुका मिश्रा ने विभिन्न जिलों और विभागों में काम करते हुए कानून-व्यवस्था, प्रशिक्षण और जांच एजेंसियों से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालीं।डीजी रैंक मिलने के बाद उन्हें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम(एसआईटी)की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी,इसके अलावा रेणुका मिश्रा ने पुलिस प्रशिक्षण से जुड़े विभागों में भी काम किया।डीजी ट्रेनिंग का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था।
कब बनी थीं यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष
रेणुका मिश्रा को जून 2023 में उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था,उस समय यूपी में सिपाही भर्ती समेत कई बड़ी भर्तियों की प्रक्रिया चल रही थी। सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और मजबूत बनाने की जिम्मेदारी रेणुका मिश्रा को सौंपी थी,उनके कार्यकाल में करीब 60 हजार से ज्यादा पदों पर यूपी पुलिस भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई,लेकिन इसी दौरान पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया और पूरा मामला बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन गया।
आखिर क्यों हटा दी गई थीं पद से रेणुका
यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद सरकार पर लगातार दबाव बढ़ रहा था।विपक्ष भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा था और अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए थे।पेपर लीक मामले में भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हुए।इसी विवाद के बाद सरकार ने रेणुका मिश्रा को यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया।उनकी जगह डीजी राजीव कृष्ण को बोर्ड की जिम्मेदारी दे दी गई।जुलाई 2024 के बाद से रेणुका मिश्रा को कोई नई तैनाती नहीं मिली थी हालांकि माना जाता रहा कि वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पसंदीदा अधिकारियों में शामिल रही हैं। इसके बावजूद पेपर लीक मामले में कार्रवाई की आंच रेणुका मिश्रा तक पहुंची।
अब फिर क्यों चर्चा में हैं रेणुका
अब एक बार फिर रेणुका मिश्रा का नाम चर्चा में है। क्योंकि यूपी को स्थायी डीजीपी मिलने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।दिल्ली में यूपीएससी की बैठक में जिन तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार होना है उनमें रेणुका मिश्रा का नाम भी शामिल है।सीनियरिटी के हिसाब से रेणुका मिश्रा का नाम सबसे ऊपर माना जा रहा है हालांकि चर्चा यह भी है कि मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को स्थायी डीजीपी बनाया जा सकता है,इसके बावजूद रेणुका मिश्रा का नाम डीजीपी की रेस में होने से प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
क्या यूपी को मिल सकती है पहली महिला डीजीपी
अगर रेणुका मिश्रा को यूपी का डीजीपी बनाया जाता है तो यह यूपी पुलिस के इतिहास में पहली बार होगा जब किसी महिला अधिकारी को यह जिम्मेदारी मिलेगी।इसी वजह से रेणुका मिश्रा का नाम और भी ज्यादा चर्चा में बना हुआ है। हालांकि अंतिम फैसला योगी सरकार को करना है,लेकिन वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर रेणुका मिश्रा का नाम काफी मजबूत माना जा रहा है।
कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं रेणुका
रेणुका मिश्रा को पुलिस सेवा के दौरान कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। रेणुका मिश्रा को राष्ट्रपति पुलिस पदक और भारतीय पुलिस पदक जैसे बड़े सम्मान मिल चुके हैं।इसके अलावा 26 जनवरी 2023 को उन्हें DGs Commendation Disc Platinum पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।
डीजीपी की रेस में और कौन-कौन
रेणुका मिश्रा के अलावा 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी पीयूष आनंद और राजीव कृष्ण का नाम भी डीजीपी की रेस में शामिल है।पीयूष आनंद फिलहाल केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर एनडीआरएफ के डीजी हैं।वहीं राजीव कृष्ण वर्तमान में यूपी के कार्यवाहक डीजीपी हैं और उन्हें इस पद का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
चार साल बाद खत्म होगा इंतजार
उत्तर प्रदेश में मई 2022 में मुकुल गोयल के हटने के बाद से स्थायी डीजीपी की नियुक्ति नहीं हो सकी थी।तब से कार्यवाहक व्यवस्था के जरिए ही पुलिस विभाग चल रहा था। अब करीब चार साल बाद यूपी को नया स्थायी डीजीपी मिलने जा रहा है। ऐसे में रेणुका मिश्रा का नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।