ब्यूरो धीरज कुमार द्विवेदी
लखनऊ।उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों जातिगत मुद्दों पर जमकर बयानबाजी हो रही है। हाल ही में कैबिनेट मंत्री सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मुखिया ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर आरोप लगाए थे कि सपा के सरकार में राजभर समाज के ज्यादा लोगों की हत्या हुई थी।वहीं अब पोस्टर के जरिए सपा ने योगी सरकार पर हमला बोला है।सपा कार्यालय पर यह पोस्टर लगा है। पोस्टर में 2024 से 2026 के बीच में हुए राजभर समाज के लोगों की हत्याओं का ब्यौरा दिया गया है। पोस्टर समाजवादी पार्टी युवजन सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज राजभर ने लगवाया है।
यूपी में पोस्टर वॉर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।बीते मंगलवार को जहां यूपी के कई जिलों में सपा के खिलाफ पोस्टर लगाए गए थे तो वहीं अब सपा की तरफ से एक पोस्टर लगाया गया है।पोस्टर में लिखा है,राजभर समाज के लोगों की हत्याएं 2024 से 2026 के बीच में कुल संख्या 22 हुई।
वाराणसी में – 6 हत्याएं
1. सुरेश राजभर – हत्या – 2025
2. फया राजभर – हत्या – 2025
3. छोटू राजभर – हत्या – 2025
4. डा. सचिन राजभर – हत्या – 2025
5. इंजि. रोहित राजभर – हत्या – मई 2026
6. फत्ते राजभर – हत्या – 2026
बलिया में – 3 हत्याएं
1. दिग्विजय राजभर – हत्या – 2025
2. चंदन राजभर – हत्या – 2026
3. विक्की राजभर – हत्या – 2026 बंगलौर में, बलिया से
गाजीपुर में – 3 हत्याएं
1. शिवमूरत राजभर – हत्या – 2024
2. दीपक राजभर – हत्या – फरवरी 2026
3. सुधारन राजभर – हत्या – 2026
मऊ में – 3 हत्याएं
1. अमित राजभर – हत्या – 2025
2. अनिल राजभर – हत्या – 2026
3. शिवबचन राजभर – हत्या – 2026
4. सुनील राजभर – हत्या – 2024 (ग्राम – भेंड़वार, होशियारपुर, मधुबन)
5. सुरेश राजभर (सुनील के पिता) – 2025
जौनपुर में – 2 हत्याएं
1. पंकज राजभर – हत्या – दिसंबर 2024
2. डा. सुनील राजभर – हत्या – 2026
बाराबंकी में – 1 हत्या
1. बबलू राजभर – हत्या – 2026
कुशीनगर में – 1 हत्या
1. रिंकी राजभर – हत्या – 2024
संतकबीर नगर में – 1 हत्या
नंदिनी राजभर – हत्या – मार्च 2024
सपा द्वारा लगाए गए पोस्टर पर टिप्पणी करते हुए मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा,उन्हें हत्या के असली दोषी की पहचान भी स्पष्ट रूप से बतानी चाहिए।बाराबंकी में जब समाजवादी पार्टी का कोई नेता दिनदहाड़े हत्या करता है, तो उन्हें यह बात साफ-साफ बतानी चाहिए कि हत्यारा यादव था। समाजवादी पार्टी के ये बैनर लगाने वालों को भी पीड़ितों के नामों के आगे साफ-साफ बताना चाहिए कि हत्यारा कौन था,कि हत्यारा यादव था,ये लोग तो सिर्फ समाजवादी पार्टी के चमचे हैं।