यूएस में महंगाई से मिली राहत,सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने को लेकर फेड पर दबाव हुआ कम
यूएस में महंगाई से मिली राहत,सितंबर में ब्याज दर बढ़ाने को लेकर फेड पर दबाव हुआ कम

13 Aug 2026 |   38



 

नई दिल्ली। विश्व के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में जुलाई के दौरान महंगाई के कुछ अहम आंकड़ों में राहत देखने को मिली है।खासकर खाने और एनर्जी को छोड़कर देखी जाने वाली कोर इन्फ्लेशन की रफ्तार सीमित रही,जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर फिलहाल ब्याज दर बढ़ाने का दबाव कुछ कम हो सकता है।हालांकि सितंबर की मीटिंग से पहले फेड को महंगाई और रोजगार से जुड़े कुछ और आंकड़े मिलने हैं, इसलिए आगे का फैसला इन्हीं संकेतों पर निर्भर करेगा।

कोर CPI महीनेभर में सिर्फ 0.2% बढ़ा

अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक खाने और एनर्जी की कीमतों को छोड़कर कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी कोर CPI जुलाई में पिछले महीने के मुकाबले 0.2 फीसदी बढ़ा। सालाना आधार पर कोर CPI 2.5 फीसदी बढ़ा,जो मार्च 2021 के बाद की सबसे धीमी रफ्तार के बराबर है।

कुल महंगाई सालाना 3.4% रही

कुल कंज्यूमर प्राइस जुलाई में महीने-दर-महीने 0.1फीसदी बढ़े।वहीं एक साल पहले के मुकाबले इनकी बढ़ोतरी 3.4 फीसदी रही। नरम कोर इन्फ्लेशन के कारण अब फेड के पास महंगाई के दबाव और हाल में धीमी हुई हायरिंग के बीच संतुलन देखने के लिए ज्यादा गुंजाइश हो सकती है।

सितंबर की फेड मीटिंग पर नजर

फेड की अगली ब्याज दर बैठक 15 और 16 सितंबर को होगी। ईरान युद्ध से जुड़ा एनर्जी प्राइस शॉक अब कुछ कमजोर पड़ता दिख रहा है,जिससे फेड पर बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ाने का दबाव कम हो सकता है।इससे पहले महंगाई और रोजगार के नए आंकड़े भी आएंगे। निवेशकों की नजर इस महीने होने वाले जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेड चेयर केविन वॉर्श के बयान पर भी रहेगी।

शेयर बाजार चढ़ा, ट्रेजरी यील्ड घटी

इन्फ्लेशन रिपोर्ट के बाद अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ खुला।वहीं ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई,क्योंकि निवेशकों ने सितंबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना पर अपने दांव कम किए। टीडी सिक्योरिटीज के यूएस इकनॉमिक्स हेड ऑस्कर मुनोज के मुताबिक, यह उन फेड अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है जो अभी इंतजार करना चाहते हैं।

एनर्जी, गैसोलीन और ग्रॉसरी हुई सस्ती

एनर्जी और गैसोलीन की कीमतों में लगातार दूसरे महीने गिरावट आई।जुलाई में अमेरिकी गैसोलीन की कीमतें फिर 4 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर गई थीं,लेकिन पूरे महीने का औसत जून से नीचे रहा। ग्रॉसरी की कीमतें भी मार्च के बाद पहली बार घटीं। साइक्लोस्पोरा आउटब्रेक के बीच लेट्यूस की कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट आई, जबकि कच्चे ग्राउंड बीफ की कीमत 1.6 फीसदी घटी, जो 2020 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है।

किराया बढ़ा,होटल के दाम घटे

शेल्टर कॉस्ट जुलाई में 0.1 फीसदी बढ़ी। होटल और मोटेल की कीमतों में 3.3 फीसदी गिरावट ने इसे सीमित रखा। दूसरी तरफ रेंट से जुड़े इंडेक्स 0.3 फीसदी बढ़े। एनर्जी और रेंट को छोड़कर सर्विसेज की कीमतें 0.2 फीसदी बढ़ीं। मेडिकल केयर और एयरफेयर उन कैटेगरी में रहे जहां कीमतें बढ़ीं।

टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स की कीमतों में उछाल

खाने और एनर्जी से अलग गुड्स की कीमतें लगातार दो महीने की गिरावट के बाद बढ़ीं। कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और एक्सेसरीज की कीमतें सालाना आधार पर 21.2 फीसदी बढ़ीं, जो अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है। कंप्यूटर, पेरिफेरल्स और स्मार्ट होम असिस्टेंट्स की कीमतों में भी चार साल से ज्यादा समय की सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी दर्ज हुई। इकनॉमिस्ट इस तेजी को ग्लोबल मेमोरी-चिप शॉर्टेज से जोड़कर देख रहे हैं, जिसे डेटा सेंटर निर्माण की बढ़ती मांग से भी सपोर्ट मिल रहा है।

अगले आंकड़ों से मिलेगी आगे की दिशा

ब्लूमबर्ग इकनॉमिक्स के मुताबिक जुलाई की CPI रिपोर्ट ने सितंबर में रेट हाइक की संभावना कम की है,लेकिन इसे पूरी तरह खत्म नहीं किया है। गुरुवार को प्रोड्यूसर प्राइस डेटा और इस महीने के आखिर में पर्सनल कंजम्प्शन एक्सपेंडिचर इन्फ्लेशन के आंकड़े आने हैं। वहीं अलग रिपोर्ट के मुताबिक जुलाई में रियल एवरेज आवरली अर्निंग्स सालाना आधार पर 0.2 फीसदी घटी हैं।

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