नई दिल्ली।शेयर बाजार में कारोबारी हफ्ते के पहले दिन जोरदार गिरावट दर्ज की जा रही है। शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सवा फीसदी से ज्यादा टूट गए। बाजार पर दबाव बनाने का काम कच्चे तेल में लौटी तेजी है,जिसका कारण अमेरिका-ईरान में जारी तनाव है।घरेलू बाजार में सबसे ज्यादा बिकवाली सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और रियल्टी शेयरों में दर्ज की जा रही। तगड़ी बिकवाली के चलते शुरुआती आधे घंटे में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
शुरुआती कारोबार में इतना टूटा बाजार
सुबह 10 बजकर 5 मिनट के आसपास सेंसेक्स लगभग 900 अंक नीचे फिसल गया है,जो 73000 के नीचे कारोबार कर रहा। निफ्टी भी 275 अंकों की गिरावट के साथ 22860 के नीचे ट्रेड कर रहा है। इंडेक्स में शामिल 50 में 48 शेयर लाल निशान में ट्रेड कर रहे। निफ्टी PSU बैंक, निफ्टी बैंक और रियल्टी इंडेक्स 1.5 फीसदी से 2.2 फीसदी तक टूट गए हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि ब्रेंट क्रूड का 106 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिका की 10 साल की बॉन्ड यील्ड का 5.2 फीसदी पर पहुंचना बाजार के लिए बड़ी टेंशन है। जुलाई और अगस्त में खरीदारी करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक सितंबर में फिर बिकवाल बन गए हैं। इन्हीं वजहों से शॉर्ट टर्म में बाजार पर दबाव बना रह सकता है।
आधे घंटे में डूबे 6 लाख करोड़ रुपये
भारी बिकवाली से निवेशकों को कारोबारी सेशन के शुरुआती करीब आधे घंटे में लगभग 5.82 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है,क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 476.06 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है, जो शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बाजार बंद होने के बाद 481.88 लाख करोड़ रुपये था।
आज क्यों टूटे भारतीय शेयर बाजार
भारतीय शेयर बाजार पर दबाव बनाने का सबसे बड़ा फैक्टर कच्चा तेल है, जिसका भाव एक बार फिर से बढ़ गया है। इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड 2 फीसदी की मजबूती के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है,क्योंकि भारत अपनी खपत का ज्यादातर क्रूड दूसरे देशों से खरीदता है। ऐसे में आयात बिल बढ़ सकता है।
अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिका और ईरान में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने के ईरान के ताजा प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। इससे इस अहम समुद्री रास्ते से कच्चे तेल की सप्लाई सामान्य होने में देरी की आशंका बढ़ गई।ईरान ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल के साथ जारी विवाद का समाधान कूटनीति से ही निकल सकता है।हालांकि दोनों देशों के बीच अभी किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं।
FIIs की बिकवाली
भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी है। प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक 25 सितंबर को FIIs ने नेट करीब 3,696 करोड़ रुपये की बिकवाली की थी, जो लगातार दूसरे दिन की बिकवाली थी।