नई दिल्ली।अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड,टेक्नोलॉजीज और ताइवान जैसे मुद्दों पर तनाव बना हुआ है। इसी बीच चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर रहेंगे।राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शी के स्वागत के लिए भव्य कार्यक्रम तैयार किया है। इसमें अमेरिकी सैन्य ताकत की झलक भी दिखाई जाएगी।
बता दें कि यह यात्रा इसलिए अहम है,क्योंकि एक दशक से ज्यादा समय बाद शी जिनपिंग वॉशिंगटन पहुंच रहे हैं। इस दौरान दोनों देशों के नेता ट्रेड,एआई और ताइवान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।
स्वागत में दिखेगी अमेरिका की सैन्य ताकत
शी जिनपिंग और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के स्वागत समारोह में अमेरिकी सेना की सभी शाखाओं के 479 जवान हिस्सा लेंगे।समारोह का सबसे खास हिस्सा अमेरिकी लड़ाकू विमानों की उड़ान होगी।इस दौरान अमेरिका का B-2 स्पिरिट स्टील्थ बॉम्बर चार F-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों के साथ उड़ान भरेगा। B-2 बॉम्बर को बिना आसानी से रडार की पकड़ में आए लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता के लिए जाना जाता है। वहीं, F-22 अमेरिका के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों में शामिल है।
3 दिन की यात्रा पर शी जिनपिंग
शी जिनपिंग 23 सितंबर को अमेरिका पहुंचेंगे।राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप जॉइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत करेंगे। 24 सितंबर की सुबह व्हाइट हाउस में आधिकारिक स्वागत समारोह होगा। साउथ लॉन, स्टेट फ्लोर और रोज गार्डन में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अमेरिकी और चीनी झंडे लगाए जाएंगे और दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए जाएंगे। इसके बाद ट्रंप और शी जिनपिंग संबोधन देंगे।अमेरिकी सेना की अलग-अलग टुकड़ियां सैन्य अभ्यास और परेड पेश करेंगी। कार्यक्रम का समापन B-2 बॉम्बर और चार F-22 विमानों की उड़ान के साथ होगा। शाम को व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में राजकीय रात्रिभोज आयोजित किया जाएगा।
किन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
शी जिनपिंग की यात्रा ऐसे समय हो रही है,जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार और आर्थिक मुद्दों पर बातचीत जारी है। चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल 19 से 23 सितंबर तक अमेरिका में आर्थिक और ट्रेड वार्ता कर रहा है।ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच बैठक में व्यापारिक तनाव, शुल्क, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीकी पाबंदियों और ताइवान के मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। इसलिए भव्य स्वागत के बावजूद असली नजर दोनों नेताओं की बातचीत और उसके नतीजों पर रहेगी। 25 सितंबर को दोनों नेता अपनी पत्नियों के साथ व्हाइट हाउस में चाय पर मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे नेशनल आर्काइव्स जाएंगे, जहां अमेरिका और चीन के पुराने संबंधों से जुड़े दस्तावेज देखेंगे।