क्या 8 रुपये महंगा होगा दूध,त्योहारों से पहले बढ़ी टेंशन, सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम
क्या 8 रुपये महंगा होगा दूध,त्योहारों से पहले बढ़ी टेंशन, सरकार को 3 दिन का अल्टीमेटम

19 Sep 2026 |   22



 

नई दिल्ली।त्योहारों का सीजन आते ही आम आदमी के खर्चे बढ़ जाते हैं।ऐसे में अगर रोजमर्रा का सामान महंगा हो जाए, तो आम लोगों की क्लास की टेंशन बढ़ जाती है।नवरात्रि और दिवाली से पहले आम लोगों को बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल दुग्ध उत्पादक संघों ने दूध की कीमत में बढ़ोतरी की मांग की है।

दुग्ध उत्पादक संघों का ये कहना है 

दुग्ध उत्पादक संघों का कहना है कि पशुओं के चारे से लेकर ट्रांसपोर्टेशन तक का खर्च लगातार बढ़ रहा है।ऐसे में मौजूदा कीमतों पर दूध का उत्पादन करना किसानों के लिए मुश्किल होता जा रहा है।संघों ने सरकार को अपनी मांगें पूरी करने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।हालांकि, दूध की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

कितनी कीमत बढ़ाने की है मांग

दूध की कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर बेंगलुरु प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक के दुग्ध उत्पादक संघों ने कहा कि दूध उत्पादन की लागत तेजी से बढ़ी है, लेकिन किसानों को उसके मुकाबले पैसा नहीं मिल पा रहा है। इसलिए दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की मांग की गई है।बता दें कि इस मांगा का कर्नाटक मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के मुताबिक बामुल चामुल,मांड्या मिल्क और तुमकुर समेत कई बड़े दुग्ध संघ ने समर्थन किया है। इसके अलावा संघों ने दूध के खरीद मूल्य में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के साथ किसानों को मिलने वाले सरकारी प्रोत्साहन को भी बढ़ाने की मांग की है।

सरकार को दिया 3 दिनों का अल्टीमेंटम

बामुल मिल्क यूनियन के अध्यक्ष नागराज के मुताबिक डेयरी एसोसिएशन पिछले आठ महीनों से राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है,लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है।अब दुग्ध उत्पादक संघों ने सरकार को तीन दिन का समय दिया है। उनकी मांग है कि सरकार कैबिनेट की बैठक बुलाकर दूध की कीमतों और किसानों के प्रोत्साहन को लेकर फैसला करे।

क्या आम लोगों को महंगा मिलेगा दूध

दुग्ध संघों दूध के खरीद मूल्य में बढ़ोतरी की मांग की है। इसका मतलब ये नहीं है कि खुदरा बाजार में दूध सीधे 8 रुपये प्रति लीटर महंगा हो जाएगा। हालांकि, अगर सरकार महंगे रेट पर दूध खरीदेगी, तो उसका बोझ आम लोगों पर डाला जा सकता है। नवरात्रि और दिवाली से पहले दूध महंगा होने पर आम लोगों का बजट बिगड़ सकता है। इसके अलावा दूध से बनने वाली मिठाइयों, खोया और दूसरे डेयरी प्रोडक्टों पर भी इसका असर दिख सकता है।

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